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Sonebhadra News: गर्मी में कैसे करें पढ़ाई, स्कूल तक बिजली ही नहीं आई

Sun, 07 May 2023 12:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 May 2023 12:13 AM IST
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how to study in this summer, no electricity till the school
सोनभद्र। परिषदीय विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार कर उनका कायाकल्प करने की सरकारी कोशिशें जारी हैं। बावजूद जिले के विभिन्न विकास खंडों में 300 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां अब तक बिजली कनेक्शन नहीं हो सका है। इसके पीछे बिजली के खंभों की विद्यालय से अधिक दूरी होने को मुख्य कारण बताया जा रहा है। भीषण गर्मी में बच्चों को तपते कमरों के नीचे बैठकर बिना पंखा ही पढ़ाई करनी पड़ रही है।
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जिले में 2061 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 1750 स्कूलों में ही बिजली की सुविधा है। करीब तीन सौ से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें अब तक न तो बिजली कनेक्शन मिल सका है और न स्कूल में कभी बिजली जली है। मामला बेसिक शिक्षा और बिजली विभाग के बीच पत्राचार तक सिमटा है। बिजली विभाग ने स्कूलों में कनेक्शन देने के लिए करीब डेढ़ करोड़ का एस्टीमेट बेसिक शिक्षा विभाग को दिया है। कई स्कूलों में कनेक्शन के लिए 50 हजार से लेकर सात लाख रुपये तक का एस्टीमेट है। शिक्षा विभाग बजट का रोना रो रहा है। डेढ़ साल से भी अधिक समय से एस्टीमेट के अनुसार बजट न मिलने से कनेक्शन नहीं हो पा रहा। दुद्धी के 44, नगवां के 29 स्कूलों को बिजली का इंतजार
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प्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित दुद्धी विकास खंड में 44 ऐसे स्कूल हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची है। इसमें से कई स्कूल ऐसे हैं, जहां 40 मीटर से लेकर पांच सौ मीटर तक बिजली के पोल नहीं हैं। नगवां ब्लॉक में कुल 29 विद्यालय बिना कनेक्शन के हैं। प्राथमिक विद्यालय गड़वान, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बैजनाथ, प्राथमिक विद्यालय भावां, चौरा, देवहार सहित अन्य विद्यालयों के बच्चे आज भी गर्मी के बीच रहने को मजबूर हैं। कोन ब्लाक के भी दर्जनों विद्यालयों को बिजली का इंतजार है।
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जहां बनती बिजली, वहीं रोशनी की दरकार
जिले में उत्पादित बिजली से पूरा प्रदेश रोशन होता है, मगर यहीं के सैकड़ों स्कूल बिजली से वंचित हैं। इसमें से कई स्कूल पावर परियोजनाओं वाले दुद्धी व म्योरपुर ब्लाक की हैं। देश की ऊर्जा राजधानी के स्कूलों में बिजली न पहुंचने की कसक न सिर्फ बच्चों-अभिभावकों को साल रही है, बल्कि व्यवस्था को मुंह भी चिढ़ा रही है।

खनिज निधि भी नहीं बन रही सहारा
जिले में डीएमएफ फंड से तमाम विकास कार्य कराए जा रहे हैं। विभिन्न उपकरणों के लिए अलग-अलग विभागों को मोटी रकम भी दी जा रही है, मगर स्कूलों में बिजली कनेक्शन देने के लिए न तो विभाग के पास बजट है और न ही डीएमएफ फंड सहारा बन पाया है।
जिन स्कूलों में कनेक्शन नहीं हैं, वहां शिक्षकों से छटपट पोर्टल पर आवेदन कराया गया है ताकि कनेक्शन मिले। - हरिवंश कुमार, बीएसए।
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