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हेल्लो आशीष बोल रहे है, डीजीपी सर आप से बात करेंगे
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सोनभद्र। हैलो, ‘आशीष’ बोल रहे हैं, डीजीपी सर बात करेंगे। यह आवाज सुनते ही बुधवार को शाम राबर्ट्सगंज कोतवाली में आरक्षी पद पर तैनात आशीष कुमार चतुर्वेदी सकते में आ गए। उन्हें खुशी हुई, जब उधर से डीजीपी ने उनकी पिता की समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक जानकारी ली। पूछा, उनके पिता की तबीयत अब कैसी है। तबीयत में सुधार है अथवा नहीं। डीजीपी ने सिपाही से यह भी पूछा की ड्यूटी करने में तो कोई दिक्कत नहीं हो रही।
गाजीपुर के सादियाबाद थाने के धिनहा गांव निवासी आशीष ने बताया दो मई की रात में उनके पिता सच्चिदानंद चतुर्वेदी की तबीयत खराब हो गई थी। घरवाले उन्हें लेकर वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल गए। लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना के डर से पिता का इलाज करने से इंकार कर दिया। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस कोरोना सहायता केंद्र इकाई के मोबाइल नंबर 9454400544 नंबर पर दी। शिकायत दर्ज होने के घंटे भर के अंदर उनके पिता का उपचार शुरू हो गया। अब वह स्वस्थ हैं। बुधवार की शाम डीजीपी कार्यालय से उनके मोबाइल पर फोन आया। उधर से बोला गया कि आपसे डीजीपी सर बात करेंगे। आशीष ने बताया डीजीपी ने पूछा कि आपने पुलिस कोरोना सहायता केंद्र में जो शिकायत दर्ज कराई थी, उसका समाधान हुआ या नहीं। पिता की तबीयत कैसी है और आपको नौकरी करने में कोई समस्या तो नहीं आ रही। आशीष ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान बताया पुलिस कोरोना सहायता केंद्र में शिकायत दर्ज कराने के कुछ देर बाद ही पिता का इलाज शुरू हो गया। कहा कि दो दिन पूर्व पुलिस कोरोना सहायता केंद्र की नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक साधना सिंह ने भी उनसे बात कर पिता के तबीयत के संबंध में जानकारी ली थी। आशीष ने कहा कि वह कभी सपने में भी नहीं सोचे थे कि डीजीपी बात करके उनके पिता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेंगे। कहा कि डीजीपी से बात करने के बाद से वह उत्साहित हैं। पूरे उत्साह से ड्यूटी कर रहे हैं।
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गाजीपुर के सादियाबाद थाने के धिनहा गांव निवासी आशीष ने बताया दो मई की रात में उनके पिता सच्चिदानंद चतुर्वेदी की तबीयत खराब हो गई थी। घरवाले उन्हें लेकर वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल गए। लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना के डर से पिता का इलाज करने से इंकार कर दिया। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस कोरोना सहायता केंद्र इकाई के मोबाइल नंबर 9454400544 नंबर पर दी। शिकायत दर्ज होने के घंटे भर के अंदर उनके पिता का उपचार शुरू हो गया। अब वह स्वस्थ हैं। बुधवार की शाम डीजीपी कार्यालय से उनके मोबाइल पर फोन आया। उधर से बोला गया कि आपसे डीजीपी सर बात करेंगे। आशीष ने बताया डीजीपी ने पूछा कि आपने पुलिस कोरोना सहायता केंद्र में जो शिकायत दर्ज कराई थी, उसका समाधान हुआ या नहीं। पिता की तबीयत कैसी है और आपको नौकरी करने में कोई समस्या तो नहीं आ रही। आशीष ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान बताया पुलिस कोरोना सहायता केंद्र में शिकायत दर्ज कराने के कुछ देर बाद ही पिता का इलाज शुरू हो गया। कहा कि दो दिन पूर्व पुलिस कोरोना सहायता केंद्र की नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक साधना सिंह ने भी उनसे बात कर पिता के तबीयत के संबंध में जानकारी ली थी। आशीष ने कहा कि वह कभी सपने में भी नहीं सोचे थे कि डीजीपी बात करके उनके पिता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेंगे। कहा कि डीजीपी से बात करने के बाद से वह उत्साहित हैं। पूरे उत्साह से ड्यूटी कर रहे हैं।
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