सोनभद्र। खलियारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला औपचारिकता तक सिमट कर रह गया है। महज 12 मरीजों की ही जांच और उपचार हो पाया। मरीजों की कम संख्या के लिए डॉक्टर-कर्मचारियों की उदासीनता को कारण बताया जा रहा है।
जिले के अंतिम छोर पर स्थित खलियारी में नक्सल प्रभावित क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग दवा-उपचार के लिए आते हैं। बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र से भी मरीजों का आना होता है। बदहाल चिकित्सा व्यवस्था के कारण मरीजों का अस्पताल से मोहभंग हो रहा है। सामान्य दिनों में भी यहां डॉक्टर-कर्मचारी नदारद रहते हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला जैसे अहम कार्यक्रमों में भी मरीज नहीं पहुंच रहे। रविवार को भी पीएचसी पर लगा जन आरोग्य मेला कोरमपूर्ति तक सिमटा रहा। कुल 12 मरीजों की जांच हुई, जिसमें त्वचा रोग के मरीज अधिक थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि त्वचा रोग से संबंधित मरीजों को आयरल एलबेंडाजोल दवा दी गई। लैब टेक्नीशियन पवन कुमार ने बताया कि डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, कोविड, बीपी की जांच हुई। कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला है। एएनएम सरस्वती देवी ने बताया कि चार गर्भवती महिलाओं का वजन, बीपी, हीमोग्लोबिन आदि की जांच कर दवा दी गई। मेले में एएनएम प्रमिला देवी, आशा संगिनी बिन्दु देवी, आशा बिमला देवी, पार्वती देवी, होम्योपैथ के चिकित्साधिकारी डॉ. राकेंद्र सिंह यादव उपस्थित रहे।