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डेंगू के लिए प्रधान होंगे जवाबदेह
sonbhadra
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:17 PM IST
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dengue
- फोटो : amar ujala
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सोनभद्र। जिले के गांवों में डेंगू, मलेरिया पर रोक नहीं लगने पर प्रधान और एएनएम जिम्मेदार होंगी। वर्ष 2017-18 में स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक ग्राम पंचायत को दस हजार साफ-सफाई समेत अन्य कार्य कराने के लिए दिया था, लेकिन गिने-चुने प्रधानों ने ही धन का सद्पयोग किया है।
कई प्रधानों ने कागजों पर कार्यों को दिखाकर सरकारी धन का बंदरबाट कर गए हैं। सीएमओ ने प्रधान एवं एएनएम को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले के 637 ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति गठित की गई है। इसका प्रधान अध्यक्ष, एएनएम सदस्य होती है और दोनों का संयुक्त बैंक में खाता होता है।
स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक वर्ष हर ग्राम पंचायतों को दस हजार देता है। इस धनराशि से प्रधानों को साफ-सफाई एएनम सेंटर का रखरखाव आदि कार्य के लिए खर्च करना होता है। लेकिन वर्ष 2017-18 में स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त धन से अधिकांश ग्राम पंचायतों ने साफ-सफाई नहीं कराया है। जबकि कुछ प्रधानों को छोड़ दे तो अन्य ने बैंक से रुपये निकाल चुके है।
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मच्छरों के काटने से लोगों को मलेरिया समेत अन्य बीमारी हो रही है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि गांवों में डेंगू का रोगी मिलने पर प्रधान और एएनएम जिम्मेदार होंगी। क्योंकि प्रत्येक ग्राम पंचायत को दस हजार रुपये सफाई आदि के लिए दिया गया है। कई लोगों से शिकायत प्राप्त हुई है कि उनके यहां धन का दुरुपयोग किया गया है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रधान, संबंधित एएनएम को नोटिस जारी कर खर्च धन के बारे में जानकारी मांगी जा रही है। जवाब मिलने पर अधिकारी गांवों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ कर सच्चाई का पता लगाएंगे। जिन गांवों में धन का बंदरबाट हुआ होगा वहां कि प्रधान और एएनएम के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
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कई प्रधानों ने कागजों पर कार्यों को दिखाकर सरकारी धन का बंदरबाट कर गए हैं। सीएमओ ने प्रधान एवं एएनएम को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले के 637 ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति गठित की गई है। इसका प्रधान अध्यक्ष, एएनएम सदस्य होती है और दोनों का संयुक्त बैंक में खाता होता है।
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स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक वर्ष हर ग्राम पंचायतों को दस हजार देता है। इस धनराशि से प्रधानों को साफ-सफाई एएनम सेंटर का रखरखाव आदि कार्य के लिए खर्च करना होता है। लेकिन वर्ष 2017-18 में स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त धन से अधिकांश ग्राम पंचायतों ने साफ-सफाई नहीं कराया है। जबकि कुछ प्रधानों को छोड़ दे तो अन्य ने बैंक से रुपये निकाल चुके है।
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मच्छरों के काटने से लोगों को मलेरिया समेत अन्य बीमारी हो रही है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि गांवों में डेंगू का रोगी मिलने पर प्रधान और एएनएम जिम्मेदार होंगी। क्योंकि प्रत्येक ग्राम पंचायत को दस हजार रुपये सफाई आदि के लिए दिया गया है। कई लोगों से शिकायत प्राप्त हुई है कि उनके यहां धन का दुरुपयोग किया गया है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रधान, संबंधित एएनएम को नोटिस जारी कर खर्च धन के बारे में जानकारी मांगी जा रही है। जवाब मिलने पर अधिकारी गांवों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ कर सच्चाई का पता लगाएंगे। जिन गांवों में धन का बंदरबाट हुआ होगा वहां कि प्रधान और एएनएम के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।