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डीपीओ पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो सोनभद्र
Updated Mon, 29 Feb 2016 10:56 PM IST
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एफआईआर कराए जाने से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को डीपीओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की। साथ ही दर्ज कराई गई प्राथमिकी तत्काल खत्म कराने की भी मांग उठाई। इस दौरान ओबरा की कार्यकर्ता आराधना श्रीवास्तव अचानक अचेत हो गईं। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया।
कलेक्ट्रेट पहुंची कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनवरी माह में डीपीओ ने 13 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के केंद्र का जायजा लिया था। इन केंद्रों से कार्यकर्ता अनुपस्थित मिले। क्योंकि मुख्य सेविका ने ओबरा में मासिक बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी कार्यकर्ता उपस्थित थे। निरीक्षण को देखते हुए मुख्य सेविका ने बाद में बैठक स्थगित कर दिया।
जब सभी कार्यकर्ता अपने-अपने केंद्र पर गए तो केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका था। बाद में डीपीओ ने आठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम श्रीवास्तव, आराधना श्रीवास्तव, अनिता श्रीवास्तव, मंजूलता सिंह, अनुश्वेता सिंह, ममता पाठक, नीतू सिंह और प्रमिला देवी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा। स्पष्टीकरण के बावजूद डीपीओ ने 13 में से आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दिया।
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डीएम से जांच कराकर एफआईआर समाप्त कराने और शोषण बंद कराने की मांग की है। प्रदर्शन में कविता कुशवाहा, सावित्री, मंजू, आराधना, संध्या, अनीता, सविता, नीतू, गीता, नीलम, ममता पाठक, कंचन, पान कुमारी, कनकलता, ललिता, शिप्रा, शीला मौजूद रहीं।
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कलेक्ट्रेट पहुंची कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनवरी माह में डीपीओ ने 13 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के केंद्र का जायजा लिया था। इन केंद्रों से कार्यकर्ता अनुपस्थित मिले। क्योंकि मुख्य सेविका ने ओबरा में मासिक बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी कार्यकर्ता उपस्थित थे। निरीक्षण को देखते हुए मुख्य सेविका ने बाद में बैठक स्थगित कर दिया।
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जब सभी कार्यकर्ता अपने-अपने केंद्र पर गए तो केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका था। बाद में डीपीओ ने आठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम श्रीवास्तव, आराधना श्रीवास्तव, अनिता श्रीवास्तव, मंजूलता सिंह, अनुश्वेता सिंह, ममता पाठक, नीतू सिंह और प्रमिला देवी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा। स्पष्टीकरण के बावजूद डीपीओ ने 13 में से आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दिया।
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डीएम से जांच कराकर एफआईआर समाप्त कराने और शोषण बंद कराने की मांग की है। प्रदर्शन में कविता कुशवाहा, सावित्री, मंजू, आराधना, संध्या, अनीता, सविता, नीतू, गीता, नीलम, ममता पाठक, कंचन, पान कुमारी, कनकलता, ललिता, शिप्रा, शीला मौजूद रहीं।