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ग्राम पंचायतों के बजट खर्च की होगी जांच
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:41 PM IST
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जिले में ग्राम पंचायतों में लगभग 25 करोड़ रुपये डंप पड़े हैं। इस धनराशि को एक माह में विकास पर खर्च करना है। इसकी जांच भी होगी। इसके लिए डीएम ने सीडीओ, डीएम, एसडीएम समेत कई अफसरों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
जिले के 637 ग्राम पंचायतों में 13वां और 14वां वित्त का करीब 25 करोड़ रुपये डंप पड़ा हुआ है। यह हाल तब है जब अधिकांश गांवों में विकास कार्य कराए जाने हैं। सड़कें, पुलिया, नाली टूटी पड़ी है। ऐसे में बारिश के दिनों में क्षतिग्रस्त मार्गों से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सेक्रेटरी और प्रधान विकास कार्य कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। जबकि पूर्व में कई बाद सीडीओ ने सभी बीडीओ को विकास कार्य करवाने के लिए निर्देशित कर चुके है। हालांकि मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने सभी बीडीओ को माह भर के भीतर पंचायतों के खाते में डंप पड़े धन से विकास कार्य करवा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
डीएम सीबी सिंह ने बताया कि संबंधितों को दो-तीन दिनों के ग्राम पंचायतों के खाते में जिनता धन है उसके अनुसार विकास कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि सीडीओ, एसडीएम, डीडीओ, डीपीआरओ, तीनों तहसीलों के एसडीएम समेत अन्य जिलास्तरीय अधिकारी गांवों में भ्रमण कर विकास कार्य कराया जा रहा है या नहीं की जांच करेंगे। धन होने के बाद भी जिन ग्राम पंचायतों मेें विकास कार्य शुरू नहीं हुआ रहेगा वहां के सेक्रेटरी, एडीओ पंचायत और प्रधानों को लापरवाह मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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उधर विकास कार्य कराने को लेकर डीएम के तल्ख हुए तेवर को गंभीरता से लेते हुए अधिकांश सेक्रेटरियों ने विकास कार्य कराने के लिए स्टीमेट आदि तैयार करना शुरू कर दिया है। ताकि उनके ऊपर गाज गिरे।
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जिले के 637 ग्राम पंचायतों में 13वां और 14वां वित्त का करीब 25 करोड़ रुपये डंप पड़ा हुआ है। यह हाल तब है जब अधिकांश गांवों में विकास कार्य कराए जाने हैं। सड़कें, पुलिया, नाली टूटी पड़ी है। ऐसे में बारिश के दिनों में क्षतिग्रस्त मार्गों से लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सेक्रेटरी और प्रधान विकास कार्य कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। जबकि पूर्व में कई बाद सीडीओ ने सभी बीडीओ को विकास कार्य करवाने के लिए निर्देशित कर चुके है। हालांकि मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने सभी बीडीओ को माह भर के भीतर पंचायतों के खाते में डंप पड़े धन से विकास कार्य करवा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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डीएम सीबी सिंह ने बताया कि संबंधितों को दो-तीन दिनों के ग्राम पंचायतों के खाते में जिनता धन है उसके अनुसार विकास कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि सीडीओ, एसडीएम, डीडीओ, डीपीआरओ, तीनों तहसीलों के एसडीएम समेत अन्य जिलास्तरीय अधिकारी गांवों में भ्रमण कर विकास कार्य कराया जा रहा है या नहीं की जांच करेंगे। धन होने के बाद भी जिन ग्राम पंचायतों मेें विकास कार्य शुरू नहीं हुआ रहेगा वहां के सेक्रेटरी, एडीओ पंचायत और प्रधानों को लापरवाह मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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उधर विकास कार्य कराने को लेकर डीएम के तल्ख हुए तेवर को गंभीरता से लेते हुए अधिकांश सेक्रेटरियों ने विकास कार्य कराने के लिए स्टीमेट आदि तैयार करना शुरू कर दिया है। ताकि उनके ऊपर गाज गिरे।