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वनवासियों को भूमि के पट्टे का तोहफा और पर्यटन को नई पहचान देंगी राज्यपाल

Tue, 17 May 2022 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 11:03 PM IST
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Governor will give the gift of lease of land to the forest dwellers and give a new identity to tourism
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का आगमन इस बार जिले के लिए बेहद खास होगा। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान वह आदिवासी परिवारों को भूमि के पट्टे का तोहफा देंगी तो अब तक उपेक्षित पड़े जिले के पर्यटन उद्योग में नई जान डालेंगी। यह पहला मौका होगा जब किसी राज्यपाल के कदम दुनिया के सबसे बड़े और पुराने फॉसिल्स पार्क में पड़ेंगे। राज्यपाल की अगवानी के लिए फॉसिल्स पार्क में तैयारियां जोरों पर रही। साफ-सफाई के अलावा सर्किट हाउस से सलखन तक सड़क मार्ग को दुरुस्त किया जा रहा है।
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जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर सलखन में 150 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्म (फॉसिल्स) हैं। करीब 24 हेक्टेयर में फैला यह दुनिया का सबसे बड़ॉ फासिल्स पार्क है जहां फासिल्स भी बड़ी संख्या में है। वर्ष 1933 में इसे जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने पहली बार खोजा था। अमेरिका का येलो स्टोन पार्क भी इससे छोटा है। हालांकि समुचित संरक्षण व प्रचार-प्रसार के अभाव में सलखन फॉसिल्स पार्क को उतनी प्रसिद्धी नहीं मिल पाई है। पूर्वांचल के ही ज्यादातर लोग इस पार्क की खूबियों से अनभिज्ञ हैं। आदिवासी बहुल जिले में पर्यटन रोजगार और तरक्की का बड़ा जरिया बन सकता है। इसकी भरपूर संभावनाएं भी हैं मगर समुचित प्रोत्साहन के अभाव में इसका विकास नहीं मिल पा रहा।
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पिछड़े जिले में पर्यटन को नए आयाम देने के लिहाज से सलखन फॉसिल्स पार्क में राज्यपाल के आगमन को बेहद अहम माना जा रहा है। इसी के अनुरूप यहां तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। मंगलवार को दिन भर वन विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी यहां तैयारियों में जुटे रहे। राज्यपाल फॉसिल्स पार्क के अलावा इको प्वाइंट पर भी पहुंचेंगी जहां से मारकुंडी घाटी के विहंगम दृश्य को निहारेंगी। इसी इको प्वाइंट को कभी पं. नेहरू ने भारत के स्वीट्जरलैंड की संज्ञा दी थी। तब वह चुर्क सीमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन करने आए थे। रौंप स्थित पंचमुखी पहाड़ी पर भी राज्यपाल जाएंगी। वहां पंचमुखी महादेव के पूजन-अर्चन के अलावा प्राचीन भित्ति चित्रों को भी देखेंगी। राज्यपाल के इस भ्रमण को जिले में पर्यटन के विकास के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
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करीब 24 घंटे जिले में रहेंगी राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करीब 24 घंटे तक जिले में रहेंगी। वह 18 मई की शाम 3.20 बजे चंदौली जिले के नौगढ़ से रवाना होकर 3.40 बजे जिले के चुर्क पुलिस लाइंस स्थित हेलीपैड पर पहुंचेंगी। वहां से सीधे सर्किट हाउस जाएंगी। कुछ देर रुकने के बाद शाम 4.50 बजे सलखन फॉसिल्स पार्क रवाना होंगी। फासिल्स पार्क के भ्रमण के बाद वह शाम साढ़े पांच बजे पंचमुखी महादेव मंदिर जाएंगी। मंदिर में दर्शन पूजन के बाद सोन इको प्वाइंट पहुंचेंगी। इसके बाद वापस सर्किट हाउस लौट जाएंगी। अगले दिन 19 मई को सुबह 9.40 बजे पुलिस लाइंस से बभनी के सेवाकुंज आश्रम कारीडांड चपकी के लिए रवाना होंगी। चपकी में वह शाम चार बजे तक रहेंगी। इस दौरान वह वनाधिकार पट्टों का वितरण, रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन को प्रमाण-पत्र, तीन सफाई कर्मियों को पुरस्कार व सफाई किट का वितरण करेंगी। तीन क्षय रोगियों के अभिभावकों को सहायता उपलब्ध कराएंगी। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने के कार्यक्रम में भाग लेंगी। आंगनबाड़ी केंद्र व प्राइमरी विद्यालय को देखेंगी।
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