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Sonebhadra News: विधान परिषद में उठा मुद्दा पर नहीं चालू हो सका घोरावल बस स्टैंड
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घोरावल तहसील मुख्यालय पर सरकारी बसों के ठहराव के लिए बना रोडवेज बस स्टेशन आठ साल बाद भी संचालित नहीं हो सका है। इसके संचालन के लिए पिछले साल सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने सदन में सवाल उठाया था।
इस पर परिवहन मंत्री का आश्वासन भी मिला, मगर एक साल बाद भी स्थिति जस की तस है। बस स्टैंड पर रोडवेज बसों के न रुकने से सड़क पर ही सवारियां उतारी और बस में बैठाई जाती हैं।
घोरावल तहसील मुख्यालय पर नगर से सटे खुटहां गांव में सरकारी बसों के ठहराव के लिए वर्ष 2015 में तत्कालीन विधायक इं. रमेशचंद्र दुबे के प्रयासों से रोडवेज बस स्टेशन के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। करीब एक वर्ष में रोडवेज स्टेशन की बाउंड्रीवाल, पूछताछ कक्ष, बुकिंग कार्यालय, शौचालय, मूत्रालय का निर्माण हो गया।
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स्टेशन के लिए स्टाफ की नियुक्ति, बिजली वायरिंग, संपर्क मार्ग का काम बाकी रह गया। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की गई, मगर इसी दौरान सत्ता परिवर्तन के बाद जनहित की यह महत्वपूर्ण परियोजना अधर में है। एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने जोर शोर से इस मुद्दे को विधान परिषद में उठाया।
उस समय परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने ज़वाब में बताया कि रोडवेज बस स्टेशन को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला 800 मीटर लंबा मार्ग संकरा है। उन्होंने आश्वासन दिया था कि सड़क का चौड़ीकरण कर वहां से बसों को संचालित किया जाएगा। करीब एक वर्ष बीतने के बावजूद अभी तक इस संबंध में संबंधित विभाग द्वारा कोई कार्यवाही शुरू ना होने से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।
सोनभद्र डिपो के एआरएम विश्राम का कहना है कि बस स्टेशन मुख्य मार्ग से दूर है। इसके संचालन को लेकर शासन के निर्देश का इंतजार है। वहां से मिले मार्गदर्शन पर आगे की व्यवस्था की जाएगी।
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इस पर परिवहन मंत्री का आश्वासन भी मिला, मगर एक साल बाद भी स्थिति जस की तस है। बस स्टैंड पर रोडवेज बसों के न रुकने से सड़क पर ही सवारियां उतारी और बस में बैठाई जाती हैं।
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घोरावल तहसील मुख्यालय पर नगर से सटे खुटहां गांव में सरकारी बसों के ठहराव के लिए वर्ष 2015 में तत्कालीन विधायक इं. रमेशचंद्र दुबे के प्रयासों से रोडवेज बस स्टेशन के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। करीब एक वर्ष में रोडवेज स्टेशन की बाउंड्रीवाल, पूछताछ कक्ष, बुकिंग कार्यालय, शौचालय, मूत्रालय का निर्माण हो गया।
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स्टेशन के लिए स्टाफ की नियुक्ति, बिजली वायरिंग, संपर्क मार्ग का काम बाकी रह गया। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की गई, मगर इसी दौरान सत्ता परिवर्तन के बाद जनहित की यह महत्वपूर्ण परियोजना अधर में है। एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने जोर शोर से इस मुद्दे को विधान परिषद में उठाया।
उस समय परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने ज़वाब में बताया कि रोडवेज बस स्टेशन को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला 800 मीटर लंबा मार्ग संकरा है। उन्होंने आश्वासन दिया था कि सड़क का चौड़ीकरण कर वहां से बसों को संचालित किया जाएगा। करीब एक वर्ष बीतने के बावजूद अभी तक इस संबंध में संबंधित विभाग द्वारा कोई कार्यवाही शुरू ना होने से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।
सोनभद्र डिपो के एआरएम विश्राम का कहना है कि बस स्टेशन मुख्य मार्ग से दूर है। इसके संचालन को लेकर शासन के निर्देश का इंतजार है। वहां से मिले मार्गदर्शन पर आगे की व्यवस्था की जाएगी।