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जनसहभागिता की शक्ति से ही मिलेगी कुपोषण से मुक्ति: सीएमओ
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सोनभद्र। नगर के पिपरी रोड स्थित एक होटल परिसर में शनिवार को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) ने कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कुपोषण मिटाने पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. नेम सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि जनसहभागिता की शक्ति से ही कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा सकती है। इसके लिए समाज में जागरूकता जरूरी है। एक स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ मां बनती हैं और ये बच्चे स्वस्थ समाज का निर्माण करते हैं। कहा कि कुपोषित होने से शारीरिक व मानसिक विकास के साथ ही उत्पादकता भी प्रभावित होती है। इसलिए सभी को नियमित पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने कहा कि कुपोषण कई बीमारियों को गंभीर बना देती है। इसलिए इसके बचाव के प्रति सभी को सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने पोषण माह में चल रही गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के पहले 1000 दिनों पर प्रकाश डाला। एसीएमओ डॉ. आरजी यादव ने कहा कि जिला स्तर पर कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र का संचालन किया जाता है, जिसमें कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाता है। सीफार संस्था के फिरोज हैदर ने आभार जताया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. नेम सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि जनसहभागिता की शक्ति से ही कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा सकती है। इसके लिए समाज में जागरूकता जरूरी है। एक स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ मां बनती हैं और ये बच्चे स्वस्थ समाज का निर्माण करते हैं। कहा कि कुपोषित होने से शारीरिक व मानसिक विकास के साथ ही उत्पादकता भी प्रभावित होती है। इसलिए सभी को नियमित पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने कहा कि कुपोषण कई बीमारियों को गंभीर बना देती है। इसलिए इसके बचाव के प्रति सभी को सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने पोषण माह में चल रही गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के पहले 1000 दिनों पर प्रकाश डाला। एसीएमओ डॉ. आरजी यादव ने कहा कि जिला स्तर पर कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र का संचालन किया जाता है, जिसमें कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाता है। सीफार संस्था के फिरोज हैदर ने आभार जताया।
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