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Sonebhadra News: अस्पताल में निशुल्क सुविधा, फिर भी बाहर जा रहे मरीज
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सोनभद्र। जिला संयुक्त चिकित्सालय लोढ़ी में डायलिसिस यूनिट होने के बावजूद गुर्दा के कई ऐसे मरीज हैं जो जागरूकता के अभाव में निजी अस्पताल में महंगे दर पर डायलिसिस करा रहे हैं। जबकि जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित यूनिट में पांच सीटें रिक्त चल रही हैं।
जानकारी के अनुसार शासन की पहल पर किडनी मरीजों को राहत देने के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय लोढ़ी में पीपीपी मॉडल पर मई 2019 में हिमो डासलिसिस सेंटर की स्थापना हुई। इसका प्रमुख उद्देश्य किन्हीं कारणों से दोनों किडनी गंवा चुके ऐसे मरीजों को राहत देना है। जो डायलिसिस के सहारे जिंदगी के दिन बढ़ा रहे हैं। दस बेड की क्षमता वाले सेंटर में इस समय कुल नौ बेड हैं। जिसमें 7 बेड हिमो पाॅजिटिव और 2 बेड हिमो नेगेटिव के हैं।
विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो यहां रोजाना तीन शिफ्ट में मरीजों की डायलिसिस होती है। एक मरीज को हफ्ते में दो से तीन बार डायलिसिस कराने की जरूरत होती है। सेंटर की क्षमता 60 होने के बावजूद यहां करीब 55 मरीज पंजीकृत हैं। यहां पांच मरीजों की डायलिसिस और हो सकती है। लंबे समय से बेड खाली चल रहे हैं, मगर जानकारी के अभाव में उन्हें हजारों रुपये खर्च कर निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है।
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सेंटर में पांच मरीजों की डायलिसिस के लिए सीट रिक्त हैं। लोग यहां आकर निशुल्क डायलिसिस करा सकते हैं। - अविनाश सिंह, मैनेजर।
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जानकारी के अनुसार शासन की पहल पर किडनी मरीजों को राहत देने के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय लोढ़ी में पीपीपी मॉडल पर मई 2019 में हिमो डासलिसिस सेंटर की स्थापना हुई। इसका प्रमुख उद्देश्य किन्हीं कारणों से दोनों किडनी गंवा चुके ऐसे मरीजों को राहत देना है। जो डायलिसिस के सहारे जिंदगी के दिन बढ़ा रहे हैं। दस बेड की क्षमता वाले सेंटर में इस समय कुल नौ बेड हैं। जिसमें 7 बेड हिमो पाॅजिटिव और 2 बेड हिमो नेगेटिव के हैं।
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विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो यहां रोजाना तीन शिफ्ट में मरीजों की डायलिसिस होती है। एक मरीज को हफ्ते में दो से तीन बार डायलिसिस कराने की जरूरत होती है। सेंटर की क्षमता 60 होने के बावजूद यहां करीब 55 मरीज पंजीकृत हैं। यहां पांच मरीजों की डायलिसिस और हो सकती है। लंबे समय से बेड खाली चल रहे हैं, मगर जानकारी के अभाव में उन्हें हजारों रुपये खर्च कर निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है।
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सेंटर में पांच मरीजों की डायलिसिस के लिए सीट रिक्त हैं। लोग यहां आकर निशुल्क डायलिसिस करा सकते हैं। - अविनाश सिंह, मैनेजर।