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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Fraudster poses as son missing for 13 years, demands 6 lakh for homecoming; four arrested.

Sonebhadra News: 13 साल से लापता बेटा बनकर आया ठग, घर वापसी के लिए मांगे छह लाख, चार गिरफ्तार

Tue, 08 Sep 2026 11:20 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:20 PM IST
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Fraudster poses as son missing for 13 years, demands 6 lakh for homecoming; four arrested.
ठगी के आरोपी।
सोनभद्र। महज 13 साल की उम्र में लापता हुआ बेटा बनकर ठगने की कोशिश करने वाले गिरोह का चोपन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को पहले लापता बेटा होने का विश्वास दिलाया, फिर घर वापसी के बदले गुरु दक्षिणा और भंडारे के नाम पर छह लाख रुपये की मांग रखी। रुपये न देने पर परिवार में बीमारी और बर्बादी का डर दिखाया। बेटे को पाने की चाहत में परिवार ने अपनी संपत्ति गिरवी रखकर एक लाख रुपये भेज भी दिए थे। मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी अभिषेक वर्मा ने मीडिया को मामले की जानकारी दी। बताया कि चोपन निवासी रामसूरत साहनी के साले का बेटा करीब 13 साल पहले लापता हो गया था। इसी का फायदा उठाते हुए नाग पंचमी के दौरान दो व्यक्ति साधु के वेश में उसके घर मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के गढ़वा थानाक्षेत्र के पिपरझर पहुंचे। उन्होंने परिवार से संपर्क कर खुद को लापता बेटा बताया और रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटाई। आरोपियों ने परिवार के सामने भावुक होने का नाटक किया और उन्हें विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि वही उनका लापता बेटा है। इसके बाद परिवार को विंध्याचल बुलाया गया। वहां कथित युवक ने शरीर पर मौजूद निशान दिखाकर पहचान पुख्ता करने की कोशिश की। इसके बाद उसने गुरु की आज्ञा का हवाला देते हुए घर जाने से इन्कार कर दिया। बाद में इस पर सहमत हुआ कि गुरु दक्षिणा और चार हजार लोगों को चार-चार बार भोजन कराने की व्यवस्था हो जाए तो वह साथ चल सकता है। इसमें करीब छह लाख रुपये खर्च होंगे। अगर रकम नहीं दी गई तो परिवार में गंभीर बीमारी और बर्बादी का डर दिखाया। परिवार ने आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला दिया तो मांग पांच लाख रुपये कर दी गई। परिवार लापता बेटे के मिलने की उम्मीद में रकम जुटाने में लग गया। आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर लगातार रुपये की मांग जारी रखी। परिवार के एक सदस्य ने आरोपियों के बताए खाते में एक लाख रुपये भेज भी दिए। इसके बाद भी आरोपी अतिरिक्त रकम की मांग कर रहे थे। उनकी लगातार बदलती बातों और संदिग्ध गतिविधियों पर परिवार को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। इस पर चोपन थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू की। प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान सूरा गोसाई (46), सिंटू (29), सेहालू उर्फ सेलू (66) और मंगल प्रसाद (29) के रूप में हुई है। सभी बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात थानाक्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य पहले ऐसे परिवारों की जानकारी जुटाते थे, जिनका कोई परिजन लंबे समय से लापता हो। इसके बाद योजना बनाकर साधु या अन्य वेश धारण कर परिवार से संपर्क किया जाता था। लापता सदस्य बनकर भावनात्मक दबाव बनाया जाता और डर-अंधविश्वास का सहारा लेकर रुपये ऐंठने की कोशिश की जाती थी। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व में की गई ऐसी घटनाओं की जानकारी जुटा रही है।
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