{"_id":"5ea982088ebc3e908a7173af","slug":"four-workers-came-to-sonbhadra-on-foot-from-unnao-in-11-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"उन्नाव से 11 दिनों में पैदल चलकर सोनभद्र आए चार श्रमिक, जांच के बाद किया गया होम क्वारंटीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उन्नाव से 11 दिनों में पैदल चलकर सोनभद्र आए चार श्रमिक, जांच के बाद किया गया होम क्वारंटीन
Wed, 29 Apr 2020 07:02 PM IST
विचित्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
Published by: विचित्र सिंह
Updated Wed, 29 Apr 2020 07:02 PM IST
विज्ञापन
Demo pic
- फोटो : ANI
रोजी रोटी के लिए प्रदेश के अन्य जिलों में काम करने के लिए गए लोगों के आने का क्रम अभी तक जारी है। सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के सतद्वारी ग्राम पंचायत के पांच श्रमिक मंगलवार को देर शाम घर पहुंचे। इनमें से 4 लोग उन्नाव जिले से पैदल यात्रा कर 11 दिन में घोरावल पहुंचे, वहीं एक व्यक्ति दो दिन पैदल सफर कर वाराणसी से घर पहुंचा।
सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए मेडिकल टीम ने उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन में रहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया। सतद्वारी ग्राम पंचायत के प्रधानपति सियाराम यादव ने बताया कि गांव के ही चंद्रशेखर, बबोली, दीनानाथ व राजा करीब तीन महीने पहले रोजी रोटी के सिलसिले में उन्नाव जिला गए थे। वहां पर सभी लोग रेलवे पटरी का काम करते थे।
लॉकडाउन घोषित होने के बाद वे वहीं फंस गए। कुछ दिन तक ठेकेदार के सहयोग से रोटी पानी मिलता रहा, लेकिन खाने पीने की दिक्कतें आने से वे 11 दिन पहले सभी पैदल ही वहां से घर के लिए रवाना हो गए। उनके ठेकेदार ने रास्ते में खर्च के लिए कुछ रुपये चारों श्रमिकों को दिया और बकाया रुपये बाद में मेठ के जरिए भेजने की बात कही।
विज्ञापन
इसके साथ सभी श्रमिक पैदल यात्रा करते हुए मंगलवार को देर शाम सतद्वारी गांव पहुंचे। इसके अलावा सतद्वारी निवासी राजेश वाराणसी से दो दिन तक पैदल चलकर मंगलवार को देर शाम अपने घर पहुंचा। ग्राम प्रधानपति सियाराम की सूचना पर बुधवार सुबह घोरावल सीएचसी की टीम ने सतद्वारी पहुंचकर सभी पांचों श्रमिकों का स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टर ने सभी को 14 दिनों तक होम क्वारंटीन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर में रहने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए मेडिकल टीम ने उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन में रहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया। सतद्वारी ग्राम पंचायत के प्रधानपति सियाराम यादव ने बताया कि गांव के ही चंद्रशेखर, बबोली, दीनानाथ व राजा करीब तीन महीने पहले रोजी रोटी के सिलसिले में उन्नाव जिला गए थे। वहां पर सभी लोग रेलवे पटरी का काम करते थे।
विज्ञापन
लॉकडाउन घोषित होने के बाद वे वहीं फंस गए। कुछ दिन तक ठेकेदार के सहयोग से रोटी पानी मिलता रहा, लेकिन खाने पीने की दिक्कतें आने से वे 11 दिन पहले सभी पैदल ही वहां से घर के लिए रवाना हो गए। उनके ठेकेदार ने रास्ते में खर्च के लिए कुछ रुपये चारों श्रमिकों को दिया और बकाया रुपये बाद में मेठ के जरिए भेजने की बात कही।
विज्ञापन
इसके साथ सभी श्रमिक पैदल यात्रा करते हुए मंगलवार को देर शाम सतद्वारी गांव पहुंचे। इसके अलावा सतद्वारी निवासी राजेश वाराणसी से दो दिन तक पैदल चलकर मंगलवार को देर शाम अपने घर पहुंचा। ग्राम प्रधानपति सियाराम की सूचना पर बुधवार सुबह घोरावल सीएचसी की टीम ने सतद्वारी पहुंचकर सभी पांचों श्रमिकों का स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टर ने सभी को 14 दिनों तक होम क्वारंटीन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर में रहने का निर्देश दिया।