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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Flood: Saryu waters rise onto the road to Sonaura; education of 2,000 children disrupted.

बाढ़ : सोनौरा जाने वाले मार्ग पर चढ़ा सरयू का पानी, दो हजार बच्चों की पढ़ाई हुई ठप

Wed, 02 Sep 2026 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:18 PM IST
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Flood: Saryu waters rise onto the road to Sonaura; education of 2,000 children disrupted.
इस्माइलपुर जाने वाले संपर्क मार्ग पर तेज बहाव में लड़खड़ाया साइकिल लिए युवक। संवाद
सरयू के जलस्तर में बढ़ाव से देवारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। महुला-गढ़वल बांध से मानिकपुर और सोनौरा जाने वाले संपर्क मार्ग पर पानी चढ़ गया है। दोनों मार्गों पर नावें चल रही हैं।
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महुला-गढ़वल बांध से इस्माइलपुर जाने वाले संपर्क मार्ग पर भी पानी भर गया है। इसके चलते रौनापार के विभिन्न स्कूलों के करीब दो हजार छात्र-छात्राओं ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने लगी है।
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जिला प्रशासन के अनुसार, मंगलवार की शाम चार बजे बदरहुआ नाले का जलस्तर 71.19 मीटर दर्ज किया गया था, जो बुधवार को 17 सेंटीमीटर बढ़कर 71.36 मीटर हो गया। वहीं, डिघिया नाले का जलस्तर मंगलवार को 70.46 मीटर था, जो बुधवार को 20 सेंटीमीटर बढ़कर 70.66 मीटर पहुंच गया। बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। इस तरह बुधवार को पानी खतरे के निशान से महज 32 सेंटीमीटर नीचे रहा। डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है और बुधवार को जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.25 और अधिकतम 73.52 मीटर दर्ज है। वहीं, डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 और अधिकतम 72.59 मीटर है।
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नदी के जलस्तर में बढ़ाव से इस्माइलपुर देवारा, देवरा अचल नगर, जगन्नाथ का पूरा, पंडित का पूरा, सीताराम का पूरा, मुखलाल का पूरा, ठीकहिया, छोटी ठीकहिया और मोती का पूरा समेत कई गांवों के लोगों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। इन गांवों के कक्षा एक से पांच तक के बच्चे प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर में पढ़ने जाते हैं, लेकिन निजी स्कूल, नर्सरी स्कूल और इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पानी के तेज बहाव के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। रौनापार क्षेत्र के धीरज स्मारक स्कूल, चिल्ली राम स्कूल, सरदार पटेल इंटर कॉलेज, तिलक रतन इंटर कॉलेज और सोर्स इंटर कॉलेज में इन गांवों के बच्चे पढ़ते हैं। ग्रामीण संदीप यादव ने बताया कि करीब दो हजार बच्चे इस मार्ग से प्रतिदिन आते-जाते हैं।

इस्माइलपुर गांव निवासी सर्वेश यादव ने बताया कि दो दिन पहले गांव के बैरागी यादव (53) की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें चारपाई पर लेटाकर बांध तक ले जाया गया। वहां से एंबुलेंस के जरिये अस्पताल पहुंचाया गया। वह अभी अस्पताल में भर्ती हैं। कहा कि छोटे बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है।
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