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पहले जनजाति परिवारों को मिलेगा भौमिक अधिकार
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म्योरपुर विकास खंड सभागार में सोमवार को वनाधिकार समिति के पुनर्गठन के बाद चुने गए अध्यक्ष और सचिव की बैठक हुई। उन्हें अपने कर्तव्यों और दावों के सत्यापन की जानकारी दी गई।
ब्लाक सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में क्षेत्रीय विधायक रामदुलार सिंह गोंड ने कहा कि आदिवासी वनवासी जो कई दशकों से धारा 20 की भूमि पर काबिज हैं उन्हें भौमिक अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदार अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए उनकी पूरी मदद करें। 15 नवंबर तक अनुसूचित जनजाति के लोगों के पट्टों के वितरण पर काम करें। इसके बाद ही अन्य परंपरागत लोगों के पट्टों पर काम किया जाएगा। बहुत दिनों से आदिवासी और वनवासी अपनी जमीन पर अधिकार के लिए परेशान हैं। उनको अधिकार दिलाने के लिए जो जिस स्तर से सक्षम है, वह कार्य करें जिससे उन्हें इसका लाभ मिल सके। नवनिर्वाचित ग्राम स्तरीय समितियों के सचिवों व अध्यक्षों को कहा कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए असली व्यक्ति को इसका लाभ दिलाएं। एसडीएम शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि किसी भी दशा में नए दावे नहीं लिए जाएंगे और केवल अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों का ही तीन साक्षी लेकर सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा 15 नवंबर के बाद ही अन्य परंपरागत जातियों के दावों पर विचार होगा। कार्यक्रम के दौरान ब्लाक प्रमुख मान सिंह गौड़, अखिलेश दुबे, लेखपाल अनिल कुमार मौर्य, संतोष सिंह, लालबाबू, मकबूल अहमद, कुंदन कुमार, वन दरोगा विजेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्राम स्तरीय समितियों के लोग, राजस्व एवं वन कर्मी मौजूद रहे।
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ब्लाक सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में क्षेत्रीय विधायक रामदुलार सिंह गोंड ने कहा कि आदिवासी वनवासी जो कई दशकों से धारा 20 की भूमि पर काबिज हैं उन्हें भौमिक अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदार अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए उनकी पूरी मदद करें। 15 नवंबर तक अनुसूचित जनजाति के लोगों के पट्टों के वितरण पर काम करें। इसके बाद ही अन्य परंपरागत लोगों के पट्टों पर काम किया जाएगा। बहुत दिनों से आदिवासी और वनवासी अपनी जमीन पर अधिकार के लिए परेशान हैं। उनको अधिकार दिलाने के लिए जो जिस स्तर से सक्षम है, वह कार्य करें जिससे उन्हें इसका लाभ मिल सके। नवनिर्वाचित ग्राम स्तरीय समितियों के सचिवों व अध्यक्षों को कहा कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए असली व्यक्ति को इसका लाभ दिलाएं। एसडीएम शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि किसी भी दशा में नए दावे नहीं लिए जाएंगे और केवल अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों का ही तीन साक्षी लेकर सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा 15 नवंबर के बाद ही अन्य परंपरागत जातियों के दावों पर विचार होगा। कार्यक्रम के दौरान ब्लाक प्रमुख मान सिंह गौड़, अखिलेश दुबे, लेखपाल अनिल कुमार मौर्य, संतोष सिंह, लालबाबू, मकबूल अहमद, कुंदन कुमार, वन दरोगा विजेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्राम स्तरीय समितियों के लोग, राजस्व एवं वन कर्मी मौजूद रहे।
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