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Sonebhadra News: खदान हादसे में पहली गिरफ्तारी, दो माइंस मैनेजर समेत चार पकड़े गए

Fri, 21 Nov 2025 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Nov 2025 11:42 PM IST
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First arrest in mine accident, four arrested including two mine managers
ओबरा थाना में खनन कारोबारी के आरोपी। स्रोत पुलिस
ओबरा। बिल्ली मारकुंडी स्थित श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में हुए हादसे में एसआईटी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो माइंस मैनेजर और दो मेट हैं। इन्हें खान सुरक्षा निदेशालय ने असुरक्षित खनन पर नजर रखने और सूचना देने के लिए नियुक्त किया गया था, मगर किसी ने अपना दायित्व नहीं निभाया। खदान मालिकों से मिलीभगत कर मौन साधे रहे। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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गत 15 नवंबर को बिल्ली मारकुंडी स्थित श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स में डि्रलिंग के दौरान भीषण हादसा हुआ था। बड़ी चट्टान धसकने से वहां काम कर रहे सात मजदूर मलबे में दब गए थे। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ की संयुक्त टीम ने करीब 70 घंटे की मशक्कत के बाद सभी सात मजदूरों के शव बाहर निकाले गए थे।
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इस मामले में ओबरा थाने में खदान मालिक और पार्टनर मधुसूदन सिंह व दिलीप केशरी के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज है। गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। बृहस्पतिवार को एसपी ने मामले की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी का भी गठन किया था। एसआईटी ने 24 घंटे के भीतर हादसे के लिए जिम्मेदार चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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इनमें माइंस मैनेजर रांची के दाेरंदा थाना क्षेत्र निवासी अनिल कुमार झा, माइंस स्टाफ ओबरा के बिल्ली पोखरा निवासी अजय कुमार, माइंस मेट ओबरा के अग्रवाल नगर कॉलोनी निवासी चंद्रशेखर और सेक्टर 8 निवासी गौरव सिंह शामिल हैं। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि माइंस मैनेजर और मेट की तैनाती खान सुरक्षा निदेशालय की ओर से खदान में सुरक्षा निर्देशों का पालन कराने के लिए की गई थी।

जांच में स्पष्ट हुआ है कि चारों कर्मचारियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन न करते हुए घोर लापरवाही बरती है। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन में वह जिम्मेदार पाए गए हैं। खदान मालिकों से मिलीभगत कर असुरक्षित कार्यों में मौन साधे रहे, जिसके चलते इतनी बड़ी त्रासदी हुई। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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