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खुली बैठक में बोरिंग के लिए किसानों का होगा चयन
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सोनभद्र। अब सिंचाई के अभाव में किसानों की फसलें बर्बाद नहीं होंगी। जिले के एक हजार किसानों के खेतों में निशुल्क बोरिंग कराने के लिए जिला प्रशासन से हरी झंडी मिलने के बाद लघु सिंचाई विभाग चयन की कार्रवाई में जुट गया है। ग्राम पंचायतों में खुली बैठक कर किसानों का चयन किया जाएगा। इसके लिए रूपरेखा तैयार की जाने लगी है।
केंद्र की मोदी सरकार ने जिला प्रशासन को किसानों की आय दोगुना करने के मद्देनजर जरूरत के अनुसार किसानों के खेतों में मुफ्त में बोरिंग कराने का निर्णय लिया है। ताकि सिंचाई के अभाव में फसलें सूख कर नष्ट न होने पाएं। शासन स्तर से खेतों में बोरिंग कराने के लिए कुछ शर्तें भी लागू की गई है। उक्त नियमों का पालन करने के बाद ही बोरिंग कराई जाएगी। नियमों की अनदेखी कर बोरिंग कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रथम चरण में जिले में वर्ष 2020-21 में सोन, बेलन समेत अन्य नदियों के तटवर्ती इलाकों में 1000 बोरिंग कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डीएम एस. राजलिंगम ने लघु सिंचाई विभाग को एक्सईएन को नियमानुसार जिन गांवों में सिंचाई की समस्याएं है वहां कि किसानों का चयन करने के लिए निर्देशित कर दिया है।
इस संबंध में लघु सिंचाई विभाग के एक्सईएन अजय कुमार कैसर ने कहा कि नदियों के तटवर्ती इलाकों के गांवों में एक हजार बोरिंग कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में प्रधान की अध्यक्षता में खुली बैठक कर उसमें बोरिंग के लिए किसानों का चयन करने की प्रक्रिया अपनाई जाएंगी। कहा कि ब्लॉक स्तर पर बीडीओ चयनित किसानों की सूची का सत्यापन कराकर उन्हें मुहैया कराएंगे। इसके बाद चयनित किसानों के खेतों में बोरिंग कराई जाएगी।
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केंद्र की मोदी सरकार ने जिला प्रशासन को किसानों की आय दोगुना करने के मद्देनजर जरूरत के अनुसार किसानों के खेतों में मुफ्त में बोरिंग कराने का निर्णय लिया है। ताकि सिंचाई के अभाव में फसलें सूख कर नष्ट न होने पाएं। शासन स्तर से खेतों में बोरिंग कराने के लिए कुछ शर्तें भी लागू की गई है। उक्त नियमों का पालन करने के बाद ही बोरिंग कराई जाएगी। नियमों की अनदेखी कर बोरिंग कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रथम चरण में जिले में वर्ष 2020-21 में सोन, बेलन समेत अन्य नदियों के तटवर्ती इलाकों में 1000 बोरिंग कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डीएम एस. राजलिंगम ने लघु सिंचाई विभाग को एक्सईएन को नियमानुसार जिन गांवों में सिंचाई की समस्याएं है वहां कि किसानों का चयन करने के लिए निर्देशित कर दिया है।
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इस संबंध में लघु सिंचाई विभाग के एक्सईएन अजय कुमार कैसर ने कहा कि नदियों के तटवर्ती इलाकों के गांवों में एक हजार बोरिंग कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में प्रधान की अध्यक्षता में खुली बैठक कर उसमें बोरिंग के लिए किसानों का चयन करने की प्रक्रिया अपनाई जाएंगी। कहा कि ब्लॉक स्तर पर बीडीओ चयनित किसानों की सूची का सत्यापन कराकर उन्हें मुहैया कराएंगे। इसके बाद चयनित किसानों के खेतों में बोरिंग कराई जाएगी।
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