हाइब्रिड धान की खेती बहुतायत मात्रा में होती है लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर 33 प्रतिशत से अधिक धान की खरीद नहीं हो रही है। इससे नाराज किसानों ने सोमवार को डीसीएफ अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रहरि के कार्यालय का घेराव किया। आक्रोशित किसानों ने सरकार की नीतियों पर भी खूब खरी-खोटी सुनाई। ज्यादातर किसानों ने खलिहान में पड़े धान पर चिंता व्यक्त की।
रजखड़ गांव के किसान विंध्याचल सिंह, जवाहर लाल दुमहान, प्रेम रजखड़, संतोष मौर्य, रामलखन निवासी रजखड़, प्रह्लाद महुअरिया सहित अन्य किसानों ने घेराव करते हुए कहा कि इस सरकार में किसानों की धान खरीद नहीं हो पा रही है। इससे किसान हताश और परेशान हैं। अब भी कई किसानों के धान खलिहान में पड़े हैं। सरकार पर आरोप लगाते हुए किसानों ने कहा कि हमें प्रोत्साहित कर सरकार 50 प्रतिशत अनुदान देकर हाइब्रिड धानों की खेती कराई गई। अब फसल तैयार होने के बाद क्रय केंद्रों पर हाइब्रिड धान की खरीद नहीं हो रही है। जबकि इस क्षेत्र के 90 प्रतिशत किसानों ने हाइब्रिड धान का उत्पादन किया है। डीसीएफ अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रहरि ने डीएम से वार्ता कर समस्याओं के समाधान के लिए किसानों से एक सप्ताह का समय मांगा। एक हफ्ते के भीतर हाइब्रिड धान खरीद न होने पर किसानों के साथ प्रदर्शन करने के लिए मौजूद रहने की बात कही।