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Sonebhadra News: फसल बीमा कराने में किसानों की रुचि बढ़ी, 6270 किसान बढ़े

Fri, 16 Jan 2026 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 12:36 AM IST
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Farmers' interest in crop insurance has increased, with 6270 more farmers enrolling.
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की भागीदारी में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 12810 किसानों ने खरीफ सीजन में फसल बीमा कराया था, जबकि इस वर्ष 19080 किसानों ने बीमा प्रीमियम जमा कराया है। इस तरह पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 6270 अधिक किसानों ने फसल बीमा कराया है।
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कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार फसल बीमा के प्रति बढ़ती जागरूकता, मौसम की अनिश्चितता और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के अनुभव ने किसानों को योजना से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2024-25 में खरीफ सीजन में 12810 किसानों ने फसल बीमा कराया था। फसल बीमा कराने वाले 7705 किसानों को फसल बीमा का लाभ मिला था। किसानों को 714.83 लाख रुपये का मुआवजा फसल बीमा कंपनी की तरफ से दिया गया था। रबी सीजन में 12935 किसानों ने फसल बीमा कराया था। इसमें 124 किसानों की फसल खराब होने से काफी नुकसान हो गया था। ऐसे में फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में सामने आई। 124 किसानों को फसल बीमा योजना के तहत 19.04 लाख रुपये मुआवजा मिला।
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इसका असर रहा कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के खरीफ सीजन में 6270 अधिक किसानों ने फसल बीमा कराया। खरीफ सीजन में कुल 19080 किसानों ने बीमा कराया था। इसमें 161 किसान बिना लोन लेने वाले शामिल हैं। वहीं 31 दिसंबर तक रबी सीजन का फसल बीमा किया गया है। अब तक बीमा कंपनी की तरफ से पोर्टल पर 12 हजार किसानों का नाम पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है। अभी बीमा कंपनी की तरफ से फीडिंग का काम जारी है। इससे संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता का दिखा असर
इस वर्ष कृषि विभाग की तरफ से गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया। किसान सभाओं, चौपालों और सहकारी समितियों के माध्यम से बीमा योजना की शर्तों, प्रीमियम दरों और मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अलावा ऑनलाइन पंजीकरण और बैंक शाखाओं के माध्यम से भी किसानों को बीमा कराने में सुविधा मिली, जिससे अधिक संख्या में किसान योजना से जुड़े। सोमदत्त तिवारी, सुशील चौबे आदि किसानों का कहना है कि फसल खराब होने की स्थिति में मिलने वाली क्षतिपूर्ति से उन्हें अगली फसल की तैयारी में मदद मिलती है। हालांकि कुछ किसानों ने बीमा क्लेम मिलने में देरी और सर्वे प्रक्रिया को लेकर असंतोष भी जताया है।

किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ने के लिए प्रचार-प्रसार कराया गया। प्रचार प्रसार और तेज किया जाएगा। बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर नुकसान का आंकलन समय पर कराने और किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। फसल बीमा योजना धीरे-धीरे किसानों के भरोसे की योजना बनती जा रही है।
- वीरेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक-सोनभद्र।
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