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Sonebhadra News: दंपतियों का विवाद सुलझाने में परिवार परामर्श केंद्र मददगार

Mon, 24 Nov 2025 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Nov 2025 11:09 PM IST
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Family counselling centres help in resolving disputes between couples.
सोनभद्र। बिछड़ने के कगार पर खड़े कई परिवारों के लिए परिवार परामर्श केंद्र मददगार के रूप में सामने आया है। हर माह 15-20 जोड़ों की खटास मिटाकर साथ जिंदगी बिताने के लिए भेजा जा रहा है। परिवार परामर्श केंद्र में चार महीने में 65 से अधिक अधिक मामले सुलझाए गए हैं।
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पति-पत्नी के बीच मनमुटाव के मामले बढ़े हैं। मामला घर से थाने तक पहुंच जाता है। मोबाइल से लंबी बातचीत भी रिश्तों में खटास के कारण के रूप में सामने आया है।
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मोबाइल पर देर तक बात करने से बढ़ा विवाद
घोरावल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के पति-पत्नी के बीच सितंबर में मोबाइल पर अधिक समय तक बात करने को लेकर विवाद हो गया था। मामला तलाक तक पहुंच गया। परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। समझाने पर दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए।
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बच्चों को पूजा में ले जाने पर बढ़ी तकरार



पिछले माह बच्चों को पूजा में ले जाने को लेकर एक दंपती के बीच विवाद हो गया। पति-पत्नी का विवाद थाने तक पहुंच गया। परिवार परामर्श केंद्र के जरिये विवाद को सुलझाया गया। मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है।

नहीं मानी पत्नी, कोर्ट में मामला पहुंचा



अगस्त में घरेलू विवाद के कारण एक दंपती का मामला थाने तक आया। सुलह-समझौते के लिए दोनों को परिवार परामर्श केंद्र में बुलाया गया। पत्नी साथ नहीं रहना चाहती थी, जबकि पति रखना चाहता था। पत्नी नहीं मानी और मामला कोर्ट में चला गया।
राजस्थान से आई युवती को परिवार से मिलाया
अक्तूबर में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली अंतर्गत एक गांव में अपने सहेली के यहां राजस्थान से भागकर आई युवती को उसके घरवालों को बुलाकर मिलाया गया। रुपये लेकर परिवार के लोग राजस्थान में उसकी शादी कराना चाहते थे। इसका विरोध करते हुए युवती सहेली के घर आ गई थी। दोनों बनारस में पढ़ती थी।

प्रत्येक रविवार को महिला थाना परिसर में परिवार परामर्श शिविर लगता है। दंपतियों को बुलाकर काउंसिलिंग की जाती है। इस दौरान परिवार को मिलाया जाता है। समय-समय पर फीडबैक लेकर रजिस्टर मेंटेन किया जाता है। दंपती के बीच आपसी सहमति नहीं बनने पर मामला कोर्ट में चला जाता है। हर माह 15-20 दंपतियों की काउंसिलिंग होती है। - सविता सरोज, महिला थाना प्रभारी-रॉबर्ट्सगंज।
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