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Sonebhadra News: नगर में शामिल होने के बाद भी विकास से अछूता रह गया खाड़पाथर क्षेत्र
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आकांक्षी नगर पंचायत रेणुकूट के विस्तारित क्षेत्र में विकास की किरणें नहीं पहुंच सकी हैं। विस्तारित इलाके मे अभी न तो सड़क व नाली का निर्माण हुआ है और नहीं की कचरा निस्तारण के लिए डस्टबिन ही बांटा गया है।
ऐसे में स्कूली बच्चों हो या फिर वार्डवासी धूलभरी कच्ची सड़क से ही आवागमन करने को विवश हैं। वहीं दूसरी तरफ बिना सुविधा मुहैया कराए ही नगर पंचायत प्रशासन गृहकर लगाने की जा रही है। इसको लेकर रोष है।
नगर पंचायत रेणुकूट में पहले 18 वार्ड थे। औद्योगिक क्षेत्र अलग होने के बाद नगर पंचायत में 11 वार्ड शेष बचे थे। करीब चार साल पहले नगर पंचायत सीमा का विस्तार होने पर तीन नए वार्ड बढ़ गए। इस प्रकार इस समय नगर पंचायत में कुल 14 वार्ड हो गए हैं। सीमा विस्तार में मुर्धवा और खाड़पाथर गांव को शामिल किया गया है।
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विस्तारित क्षेत्र में ही तीन नए वार्ड 12, 13 और 14 वार्ड सृजित किए गए। मगर सीमा विस्तार के चार साल बाद भी ये वार्ड विकास से अछूते रह गए हैं। तीनों वार्ड की अधिकांश सड़कें कच्ची और नाली विहीन हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर ही बह रहा है।
नगर के विस्तारित क्षेत्र में भी विकास कार्य कराया जाना है। गृहकर की दरों का निर्धारण शासन के निर्देशानुसार किया जाना है। - मधुसूदन जायसवाल, ईओ रेणुकूट।
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ऐसे में स्कूली बच्चों हो या फिर वार्डवासी धूलभरी कच्ची सड़क से ही आवागमन करने को विवश हैं। वहीं दूसरी तरफ बिना सुविधा मुहैया कराए ही नगर पंचायत प्रशासन गृहकर लगाने की जा रही है। इसको लेकर रोष है।
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नगर पंचायत रेणुकूट में पहले 18 वार्ड थे। औद्योगिक क्षेत्र अलग होने के बाद नगर पंचायत में 11 वार्ड शेष बचे थे। करीब चार साल पहले नगर पंचायत सीमा का विस्तार होने पर तीन नए वार्ड बढ़ गए। इस प्रकार इस समय नगर पंचायत में कुल 14 वार्ड हो गए हैं। सीमा विस्तार में मुर्धवा और खाड़पाथर गांव को शामिल किया गया है।
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विस्तारित क्षेत्र में ही तीन नए वार्ड 12, 13 और 14 वार्ड सृजित किए गए। मगर सीमा विस्तार के चार साल बाद भी ये वार्ड विकास से अछूते रह गए हैं। तीनों वार्ड की अधिकांश सड़कें कच्ची और नाली विहीन हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर ही बह रहा है।
नगर के विस्तारित क्षेत्र में भी विकास कार्य कराया जाना है। गृहकर की दरों का निर्धारण शासन के निर्देशानुसार किया जाना है। - मधुसूदन जायसवाल, ईओ रेणुकूट।