ओबरा। निगम प्रबंधन के उत्पीड़न के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ओबरा इकाई के अभियंता लामबंद हो गए हैं। बृहस्पतिवार को सदस्यों ने वीआईपी गेस्ट हाउस में बैठक की। उच्च प्रबंधन के उत्पीड़न के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि 25 फरवरी को निदेशक, तकनीकी द्वारा सभी परियोजना प्रमुखों एक पत्र जारी किया गया। बताया गया कि आने वाले समय में पावर प्लांट के विभिन्न मानकों को प्राप्त न करने की स्थिति में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता दोषी होंगे। इस पत्र से उत्पादन निगम में कार्य कर रहे अभियंताओं व कर्मचारियों में भारी रोष है। बैठक में अभियंताओं ने प्लांट पैरामीटर प्राप्त न कर पाने पर प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा कि प्रबंधन ओबरा तापीय परियोजना में खाली पड़े 352 टेक्नीशियन, 118 अवर अभियंता एवं 31 सहायक अभियंता के पदों पर नियुक्ति नहीं कर रहा है। मैन पावर नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आर एंड एम के बाद भी ओ एंड एम फंड में इजाफा नहीं किया गया है। जिसकी वजह निर्धारित पैरामीटर प्राप्त करने के लिए स्पेयर्स मिलने एवं गुणवत्ता युक्त कार्य कराने में कठिनाई हो रही है। अभियंताओं ने कहा कि कर्मियों को जबरन आरोप पत्र देकर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। अभियंताओं का कहना था कि कर्मी निजीकरण का विरोध न कर पाए, ऐसे में उन्हें जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रही अभियंता आंदोलन करेंगे। इस मौके पर बीएन सिंह, अदालत वर्मा, राजीव कुमार, संदीप रजक, वीके दिनकर, मनोज यादव, योगेंद्र मौर्या, अजय प्रसाद, अंकित प्रकाश, सुजीत सिंह व अतुल शर्मा मौजूद रहे।