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नामांकन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगाना होगा जोर
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सोनभद्र। विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी जिले के परिषदीय विद्यालय नामांकन से कोसों दूर रह गए हैं। कुल 3.22 लाख के सापेक्ष महज 2.68 लाख बच्चों का ही नामांकन हुआ है। नामांकन में पिछड़ने के लिए विभागीय अफसर तमाम तरह की दलील दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि स्कूल खुलने पर दूसरे चरण के अभियान में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
पिछले वर्ष परिषदीय स्कूलों में 2 लाख 65 हजार बच्चों ने नामांकन कराया था। इसे देखते हुए सरकार की ओर से इस बार जनपद के परिषदीय विद्यालयों में नामांकन के लक्ष्य में बढ़ोतरी करते हुए तीन लाख 22 हजार का लक्ष्य तय किया गया था। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारियों के निगरानी में शिक्षकों की ओर से स्कूल चलो अभियान चलाया गया। इस दौरान शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से उनका फीडबैक लेते हुए उन्हें अपने बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालयों में कराने को प्रेरित किया। वहीं नये बच्चों का भी नामांकन कराया। जिले में शासन की ओर से कुल 322000 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित है। शिक्षकों के काफी प्रयास के बाद भी जिले में पिछले वर्ष 265000 के मुकाबले तीन हजार अधिक यानी कुल 268000 बच्चों का नामांकन ही हुआ है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे है।
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पिछले वर्ष परिषदीय स्कूलों में 2 लाख 65 हजार बच्चों ने नामांकन कराया था। इसे देखते हुए सरकार की ओर से इस बार जनपद के परिषदीय विद्यालयों में नामांकन के लक्ष्य में बढ़ोतरी करते हुए तीन लाख 22 हजार का लक्ष्य तय किया गया था। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारियों के निगरानी में शिक्षकों की ओर से स्कूल चलो अभियान चलाया गया। इस दौरान शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से उनका फीडबैक लेते हुए उन्हें अपने बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालयों में कराने को प्रेरित किया। वहीं नये बच्चों का भी नामांकन कराया। जिले में शासन की ओर से कुल 322000 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित है। शिक्षकों के काफी प्रयास के बाद भी जिले में पिछले वर्ष 265000 के मुकाबले तीन हजार अधिक यानी कुल 268000 बच्चों का नामांकन ही हुआ है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे है।
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