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हाथियों ने छत्तीसगढ़ के केसारी गांव में मचाया उत्पात

Wed, 04 Nov 2020 11:05 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 11:05 PM IST
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Elephants create chaos in Kesari village of Chhattisgarh
बभनी। छत्तीसगढ़ सेंचुरी एरिया से भटककर आये जंगली हाथियों ने मंगलवार की रात में सीमावर्ती गांव केसारी में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने 10 किसानों के क्यारियों में लगे धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। हाथियों के लगातार उत्पात से ग्रामीण जहां चिंतित हैं वहीं दहशत में हैं। हाथियों के झुंड को भगाने के लिए जरहां वन रेंज तथा बभनी वन रेंज की टीम लगातार निगरानी में लगी हुई है। जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात में हाथियों का झुंड छत्तीसगढ़ और सोनभद्र जिले के सीमावर्ती गांव केसारी में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गांव के 10 किसानों हंसलाल, फूलशाह, मुंती देवी, रामसेवक, राजनाथ, भानू सिंह, रामफल, राजेंद्र प्रसाद, गिरजा शंकर, कंशलाल के फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। केसारी गांव में हाथियों के झुंड के पहुंचते ही हाहाकार मच गया। लोग अपने घरों में दुबक गये और अपने अपने घरों के सामने आग जला दिये। हाथियों को भगाने के लिए ग्रामीणों ने मशाल जलाकर और पटाखे फोड़ना शुरू कर दिया। वन दरोगा ठेगूराम ने बताया कि हाथियों का झुंड शाम को अचानक केसारी गांव में पहुंच गया और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वन विभाग की टीम ग्रामीणों की मदद से हाथियों के झुंड को छत्तीसगढ़ के पिंगला सोनहट के जंगल की ओर खदेड़ा है। बता दें कि जरहां वन रेंज के नेमना गांव में रविवार की रात में हाथियों ने एक सात वर्षीय मासूम बच्ची को कुचलकर मौत के घाट उतारने के बाद चरचरी गांव में पहुंच गये। चरचरी गांव में हाथियों ने सोमवार की रात में आठ किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचाया तथा एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं घर में रखे अनाज धान, मक्का को भी खा गये। दिन में हाथियों का झुंड जंगल में रहता है और शाम होते ही गांव की ओर रुख कर देते हैं। हालांकि हाथियों की निगरानी में छत्तीसगढ़ के अलावा सोनभद्र जिले के जरहां वन रेंज व बभनी वन रेंज की टीम लगातार लगी हुई है।
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हाथियों से बचने के लिए मशाल जलाना ही कारगर
बभनी। छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया से भटककर आये जंगली हाथियों के उत्पात से जहां ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है वहीं उनको सुरक्षा के लिए चिंता सता रही है। हाथियों से बचाव के लिए वन क्षेत्राधिकारी जरहां मोहम्मद जहीर मिर्जा ने बताया कि हाथियों का दल सेंचुरी एरिया में ही है। छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया से भोजन की तलाश में हाथी गांव में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वन विभाग को उन्हें बार्डर पर ही रोक देना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो पाता है। कहा कि जैसे ही हाथियों का झुंड जंगल से गांव में प्रवेश करता है उन्हें रोकने के लिए मशाल जलाकर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जाता है। इसके साथ ही मशाल जलाने के बाद पटाखे भी फोड़े जाते हैं। मिर्जा ने कहा कि हाथियों के साथ छेड़खानी न करें उनसे दूरी बनाकर रहें। हाथियों द्वारा किसानों का जो नुकसान हुआ है उसका रिपोर्ट तैयार कराया जा रहा है उन्हें क्षतिपूर्ति भी दिया जायेगा। उधर छत्तीसगढ़ चरचरी वन रेंज के वन दरोगा शंखलाल ने बताया कि हाथियों का झुंड जंगल के रास्ते गांव की ओर आ जाता है। आगे उन्होंने बताया कि हाथियों को धीरे धीरे मशाल के माध्यम से ही सेंचुरी एरिया में भेजा जाता है। बता दें कि छत्तीसगढ़ सहित सोनभद्र जनपद के विकास खंड बभनी व म्योरपुर के सीमा से सटे गांवों रम्पाकुरर, डूमरहर, नवाटोला, महुआदोहर, मंगरमाड, बिछियारी, भलपहरी, नेमना, झापर, केसारी, गिरवानी, चरचरी, घटाकुड, बभनी के सैकड़ों किसानों के फसलों को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है।
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