पानी में डूबने से हाथी के बच्चे की मौत, हाथियों का झुंड मना रहा शोक
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सोनभद्र में छत्तीसगढ़ के जंगलों से भटक कर आए 14 हाथियों का झुंड डूमरचुआ के पास रिहंद डैम के तट पर पहुंच गया। यहां पानी देख झुंड में शामिल हाथी उसमें कूद गए। झुंड में हाथी का बच्चा भी शामिल था। हाथी का बच्चा पानी में डूब गया। अन्य हाथी पूरी रात वहीं डटे रहे। सुबह हाथियों का झुंड जरहा ग्राम पंचायत के डिघुल के जंगल में चला गया। सुबह जब ग्रामीण डैम के किनारे पहुंचे तो वहां किनारे दलदल में हाथी का मरा हुआ बच्चा दिखा।
ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने हाथी के बच्चे को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए लेकर चले गए। बच्चा लगभग 20 से 25 दिन का ही होगा। बताया जा रहा है कि उसकी मां ने बच्चे को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की, पर सफलता नही मिली । उसकी मां लगभग 16 घण्टे पानी मे खड़ी रही व साथी घेराबंदी किये रहे ।साथियो संग बच्चे की माँ करुण क्रंदन करती रही।
जिसे सुन विभाग के लोगों के साथ ही ग्रामीणों को अंदेशा हो गया था। हाथी के बच्चे के मरने का अंदेशा रविवार की सुबह ही लग गया था। बच्चे की मौत के बाद हाथियों के भड़कने के शक के बाद पुलिस व सीआईएसएफ भी मौके पर पहुंच गयी। आखिर हाथियों का झुंड पानी से निकला और आगे की ओर रवाना हो गया। जाते वक्त भी हाथियों का झुंड अपने बिछड़े साथी को मानो खोज रहा था।
हाथी के बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही आलाधिकारी मौके पर
हाथी के बच्चे की मौत की खबर से आलाधिकारी सकते में आ गए और आनन फानन में मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। प्रभागीय वनाधिकारी रेनुकूट एम पी सिंह , एसडीओ कुंज बिहारी वर्मा,रेंजर म्योरपुर,बभनी,बीजपुर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हाथियों की हर एक गतिविधियों का संज्ञान लेकर विभाग के कर्मचारियों को सचेत कर सावधान रहने की हिदायत दी गयी है। वहीं बीजपुर पुलिस भी हाथियों पर नजर बनाए रही।