ओबरा। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंपलॉईस एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईई) के निर्णय के अनुसार सोमवार को देश के 15 लाख बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के साथ उप्र के बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 के विरोध में काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज किया। केंद्र सरकार से बिल वापस लेने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया। बिल और निजीकरण के विरोध में ओबरा तापीय परियोजना में कार्यरत कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता पूरे दिन बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। निजीकरण के बाद उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने के वायदे को खारिज करते हुए विद्युत् कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों में इं. बीएन सिंह, अदालत वर्मा, अंकित प्रकाश, आरजी सिंह, अभय प्रताप सिंह, शशिकांत श्रीवास्तव, शाहिद अख्तर, सत्य प्रकाश सिंह, अजय कुमार सिंह, सतीश कुमार, आरपी त्रिपाठी, योगेंद्र प्रसाद, दिनेश यादव, उमेश कुमार, बीडी तिवारी, विजय कुमार सिंह, दीपक सिंह, रामयज्ञ मौर्य, लालचंद आदि ने कहा कि निजीकरण किसानों और आम घरेलू उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। निजीकरण के बाद बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि होगी। इसे खत्म करने की मांग की गई। इस दौरान इं. सुजीत सिंह, सनी गुप्ता, अंबुज सिंह, बीडी विश्वकर्मा, दिनेश चौरसिया, मृणाल पाल, उमेश चंद्र, नंदू जायसवाल, सुरेश यादव, उमेश कुमार, प्रदीप कनौजिया, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।