सोनभद्र। शासन की सख्ती और बिजली विभाग के लगातार अभियान चलने के बावजूद कटियामारी नहीं रुक रही है। बिजली चोरी से प्रतिमाह लाखों रुपये की चपत लग रही है। सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि एक तरफ अभियान चलाकर कटिया कनेक्शन हटाए जा रहे हैं, लेकिन टीम के जाते ही फिर उसे जोड़ लिया जा रहा है। बिजली विभाग ने इस घाटे को दूर करने के लिए कमर कस ली है। लाइन लास वाले 42 फीडरों पर विशेष अभियान चलाने के लिए 42 टीमें गठित की गईं हैं। जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। इसके बावजूद अधिकांश इलाके में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं की जा रही है। बिजली आपूर्ति लडख़ड़ाने के पीछे कटियामारी सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है। राबट्र्सगंज और पिपरी विद्युत वितरण खंड में 36 उपकेंद्र है और 128 फीडर संचालित हो रहे हैं। बिजली विभाग की जांच में 42 फीडरों पर कटियामारी और बिजली चोरी के मामले सर्वाधिक मिले हैं। ओवरलोडिंग के चलते कहीं लो वोल्टेज आपूर्ति हो रही है तो कहीं बार-बार ट्रिपिंग के साथ केबल जल जा रहा है। दुबेपुर, कुसम्हा, सुकृत, पन्नूगंज, घेरावल, घुवास, केवली, पसही, रानीतारा, रामपुर, शाहगंज, ऊचडीह, राबट्र्सगंज, छपका, छपका, हाइडिल, पसही, सुकृत, ऊचडीह, कचनरवा, अमवार, बभनी, बीजपुर, बीना, चतरवार, चोपन, डिबुलगंज, दुद्धी तहसील, डूमरडीहा, घीवही, जवारीडाड़, कचनरवा, खडिय़ा, कोन, कुंडाडीह, नधिरा, ओबरा, ओबरा सेक्टर नौ, ओबरा सेक्टर नौ, रेणुकूट और बीना उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में बिजली चोरी हो रही है। मामला संज्ञान में आने पर अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन, एसडीओ और अवर अभियंताओं की अगुवाई में 42 टीमें गठित कर दी है। प्रत्येक टीम को एक-एक उपकेंद्र की लाइन लॉस को रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है। अधीक्षण अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के 42 फीडरों से बिजली लॉस हो रही है। बिजली लॉस को रोकने के लिए 42 टीमें गठित कर दी गईं है, ताकि चोरी पर अंकुश नहीं लगाकर आपूर्ति में सुधार लाया जा सकें।