{"_id":"629f90bf9fd0c13d626cbf51","slug":"electricity-demand-exceeding-25-thousand-mw-on-the-second-day-too-sonbhadra-news-vns6577274174","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी 25 हजार मेगावाट पार रही बिजली की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी 25 हजार मेगावाट पार रही बिजली की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रचंड धूप व बेतहाशा उमस के कारण प्रदेश में बिजली की मांग में बढ़ाव का क्रम जारी है। प्रतिकूल मौसम के कारण लगातार दूसरे दिन भी बिजली की अधिकतम मांग जहां 25 हजार मेगावाट पार कर गई। वहीं न्यूनतम मांग भी 20 हजार मेगावाट के करीब पहुंच गई। इससे सुचारु विद्युत आपूर्ति करने में पावर कारपोरेशन के छक्के छूट गए।
गर्मी के दोबारा रौ में आते ही सूबे में एक बार फिर से बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है। सोमवार के बाद मंगलवार को लगातार दूसरे दिन प्रदेश में बिजली की मांग 25 हजार मेगावाट पार कर गई। वर्तमान ग्रीष्मकालीन सत्र में ऐसा दूसरी बार हुआ है। मंगलवार सुबह तक प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग जहां 25239 मेगावाट रही। वहीं 24 घंटे भीषण उमस का दौर जारी रहने के कारण न्यूनतम मांग भी अब तक के सर्वाधिक 19185 मेगावाट पर पहुंच गई। बिजली की मांग में भारी वृद्धि के कारण सभी स्रोतों से बिजली क्रय करने के बाद भी प्रदेश के विभिन्न इलाकों में आपात कटौती करनी पड़ी। मंगलवार शाम पीक ऑवर से पूर्व ही प्रदेश में बिजली की मांग 22 हजार मेगावाट पार कर गई थी। ऐसे में सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर निगम की सभी इकाइयों को दिन भर फुल लोड पर चलाया गया, जबकि कोयला किल्लत के कारण लैंको की इकाइयों को अब भी कम लोड पर चलाया जा रहा है।
ऊर्जांचल में बेतहाशा कटौती से लोग बेहाल
भीषण गर्मी के दौर में एक माह से अधिक समय से अनपरा परिक्षेत्र में की जा रही भारी विद्युत कटौती से जनमानस बेहाल हो गया है। लोगों का कहना है कि परिक्षेत्र में बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। दिन के साथ रात में भी अघोषित विद्युत कटौती किये जाने से लोग न तो दिन में चैन पा रहे हैं और न तो रात में सो ही पा रहे हैं। अक्सर दुकानदारी के समय बिजली गुल हो जाने से व्यवसायियों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। लोगों ने डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गर्मी के दोबारा रौ में आते ही सूबे में एक बार फिर से बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है। सोमवार के बाद मंगलवार को लगातार दूसरे दिन प्रदेश में बिजली की मांग 25 हजार मेगावाट पार कर गई। वर्तमान ग्रीष्मकालीन सत्र में ऐसा दूसरी बार हुआ है। मंगलवार सुबह तक प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग जहां 25239 मेगावाट रही। वहीं 24 घंटे भीषण उमस का दौर जारी रहने के कारण न्यूनतम मांग भी अब तक के सर्वाधिक 19185 मेगावाट पर पहुंच गई। बिजली की मांग में भारी वृद्धि के कारण सभी स्रोतों से बिजली क्रय करने के बाद भी प्रदेश के विभिन्न इलाकों में आपात कटौती करनी पड़ी। मंगलवार शाम पीक ऑवर से पूर्व ही प्रदेश में बिजली की मांग 22 हजार मेगावाट पार कर गई थी। ऐसे में सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर निगम की सभी इकाइयों को दिन भर फुल लोड पर चलाया गया, जबकि कोयला किल्लत के कारण लैंको की इकाइयों को अब भी कम लोड पर चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
ऊर्जांचल में बेतहाशा कटौती से लोग बेहाल
भीषण गर्मी के दौर में एक माह से अधिक समय से अनपरा परिक्षेत्र में की जा रही भारी विद्युत कटौती से जनमानस बेहाल हो गया है। लोगों का कहना है कि परिक्षेत्र में बिजली आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। दिन के साथ रात में भी अघोषित विद्युत कटौती किये जाने से लोग न तो दिन में चैन पा रहे हैं और न तो रात में सो ही पा रहे हैं। अक्सर दुकानदारी के समय बिजली गुल हो जाने से व्यवसायियों की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। लोगों ने डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन