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दूसरे दिन भी 25 हजार मेगावाट पार रही बिजली की मांग
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प्रचंड गर्मी का दौर शुरू होते ही प्रदेश में बिजली की मांग लगातार दूसरे दिन भी 25 हजार मेगावाट से अधिक बनी रही। इस दौरान रिकार्ड कायम करते हुए न्यूनतम मांग भी 17 हजार मेगावाट पार कर गई।
जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है बिजली की मांग में भी इजाफा होता जा रहा है। शनिवार शाम को ही प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 25 हजार मेगावाट पार कर गई थी। इसके बाद रविवार को भी सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 25431 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान न्यूनतम मांग में भी रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़कर वर्तमान सत्र के सर्वाधिक 17370 मेगावाट के स्तर पर पहुंच गई। बिजली की बढ़ी मांग के बीच अभी तक ओबरा बी की 9वीं व 11वीं इकाई के लोड पर न आने से सुचारु विद्युत आपूर्ति करने में पावर कारपोरेशन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस दौरान सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर अनपरा स्थित निगम व निजी बिजली घरों को लगातार फुल लोड पर चलाया जा रहा है। सोमवार शाम को अनपरा ए से 453, बी से 894, डी से 942 व निजी क्षेत्र की लैंको अनपरा सी परियोजना से 1034 मेगावाट उत्पादन किया जा रहा था।
मौसम परिवर्तन से मांग में गिरावट के आसार
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड सहित देश के पहाड़ी इलाकों में हुए मौसम परिवर्तन का असर प्रदेश के मैदानी इलाकों पर भी पड़ा है। रविवार रात से ही आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ शुरू हो गई। सुबह तेज पछुआ हवा के झोंको से नागरिकों को गर्मी से आंशिक राहत मिली है। हालांकि दोपहर होते-होते एक बार फिर से तेज धूप व उमस का दौर शुरू हो जाने से बिजली की मांग सोमवार दोपहर में ही 22 हजार मेगावाट पार कर गई थी। लेकिन शाम होते-होते बिजली की मांग गिरकर 20 हजार मेगावाट से भी नीचे आ गई। पीक ऑवर में इसमें बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
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जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है बिजली की मांग में भी इजाफा होता जा रहा है। शनिवार शाम को ही प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 25 हजार मेगावाट पार कर गई थी। इसके बाद रविवार को भी सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 25431 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान न्यूनतम मांग में भी रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़कर वर्तमान सत्र के सर्वाधिक 17370 मेगावाट के स्तर पर पहुंच गई। बिजली की बढ़ी मांग के बीच अभी तक ओबरा बी की 9वीं व 11वीं इकाई के लोड पर न आने से सुचारु विद्युत आपूर्ति करने में पावर कारपोरेशन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस दौरान सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर अनपरा स्थित निगम व निजी बिजली घरों को लगातार फुल लोड पर चलाया जा रहा है। सोमवार शाम को अनपरा ए से 453, बी से 894, डी से 942 व निजी क्षेत्र की लैंको अनपरा सी परियोजना से 1034 मेगावाट उत्पादन किया जा रहा था।
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मौसम परिवर्तन से मांग में गिरावट के आसार
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड सहित देश के पहाड़ी इलाकों में हुए मौसम परिवर्तन का असर प्रदेश के मैदानी इलाकों पर भी पड़ा है। रविवार रात से ही आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ शुरू हो गई। सुबह तेज पछुआ हवा के झोंको से नागरिकों को गर्मी से आंशिक राहत मिली है। हालांकि दोपहर होते-होते एक बार फिर से तेज धूप व उमस का दौर शुरू हो जाने से बिजली की मांग सोमवार दोपहर में ही 22 हजार मेगावाट पार कर गई थी। लेकिन शाम होते-होते बिजली की मांग गिरकर 20 हजार मेगावाट से भी नीचे आ गई। पीक ऑवर में इसमें बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
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