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Sonebhadra News: तापमान में गिरावट से फसलों पर पाला का असर

Wed, 08 Jan 2025 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:30 PM IST
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Effect of frost on crops due to drop in temperature
जिले के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। कड़ाके की ठंड और पाला का सीधा असर रबी फसलों पर पड़ रहा है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ फसलों के बचाव के लिए किसानों को सुझाव दे रहे हैं। मंगलवार की तुलना में बुधवार को अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी एवं न्यूनतम पारा में गिरावट दर्ज की गई।
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सुबह के वक्त मौसम साफ रहा और समय से धूप भी निकल गया, मगर पूरे दिन सर्द हवा के चलते गलन से लोगों को राहत नहीं मिली। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव लगा हुआ है। बुधवार को सुबह न्यूनतम पारा 8.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम पारा 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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आद्रता 62 प्रतिशत रहा। इसके मुकाबले मंगलवार को जिले का न्यूनतम पारा 9.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। इस तरह से बीते 24 घंटे में अधिकतम पारा में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी तथा न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हुआ है।
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बुधवार की सुबह हल्का कोहरा रहा। आठ बजे के बाद धूप निकलने से कोहरा छंट गया। दिन में अच्छी धूप निकली। ठंड से बचाव के लिए लोग धूप में बैठे देखे गए। मगर सर्द हवा चलने की वजह से लोग धूप में भी गर्म कपड़े पहने रहे। इससे पहले मंगलवार की रात में घना कोहरा छाया रहा।
इससे आवागमन में लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिकृष्ण मिश्र का कहना है कि इस समय तापमान के गिरने एवं वातावरण में अधिक आद्रता होने के कारण रबी फसलों पर पाला के प्रतिकूल प्रभाव की संभावनाएं अधिक हैं। ऐसे में किसान सजग रहकर फसलों को बचाएं। सही देख रेख नहीं होने से फसलें प्रभावित हो सकती हैं।


फसलों को पाला से बचाने के लिए करें हल्की सिंचाई
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पाला पड़ने की संभावना वाले दिनों में फसलों में हल्की सिंचाई करें और मिट्टी की जोताई या गुड़ाई न करें। रात में 12 बजे खेतों में धुंआ पैदा करें, इससे तापमान जमाव बिंदु तक नहीं गिर पाता। पौधों पर 8 से 10 किलोग्राम डब्ल्यूडीजी की 40 ग्राम मात्रा प्रति 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। थायोयूरिया मार्केट से लेकर 25 से 30 ग्राम मात्रा प्रति 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। रात में प्लास्टिक कवर, फूस की बनी टाट या पुआल से फसलों को ढक दें। नर्सरी के पौधों और सब्जी वाली फसलों को लो कॉस्ट पॉली टनल में उगाएं। खेत के मेड़ों पर शीशम, बबूूल, जामुन, मुनगा के पौधे लगाएं।
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