{"_id":"6463b9e0e94ffdf787040356","slug":"driver-dies-after-coming-in-contact-with-high-tension-wire-sonbhadra-news-c-20-1-208183-2023-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: हाईटेंशन तार की चपेट में आने से चालक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: हाईटेंशन तार की चपेट में आने से चालक की मौत
विज्ञापन
चोपन (सोनभद्र) । नगर के गड़ईडीह में सोमवार की रात बरात लेकर आई बस के चालक की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई। चालक बस की छत पर सोने जा रहा था, तभी वह करंट की चपेट में आ गया। बस में भी करंट उतर गया। उसके तीन टायर बर्स्ट हो गए। घटना से बरात में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्र गड़ईडीह में संजय शर्मा के घर अहरौरा से बरात आई थी। रात में खाना खाने के बाद बराती सोने चले गए। बरातियों को लेकर आई बस को पुलिया के पास खड़ा कर चालक उसकी छत पर सोने के लिए चढ़ गया। बस की छत पर जैसे ही वह खड़ा हुआ, ऊपर से गुजरे 11 हजार वोल्ट के तार से स्पर्श हो गया। हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से बस चालक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के हिनौता गांव निवासी विनोद केशरी उर्फ बिंदू (48) झुलस गया। बस में भी करंट उतर गया। बस के बांए हिस्से में लगे तीन टायर तेज आवाज के साथ बर्स्ट हो गए। आवाज सुनकर लोगों की नजर उस ओर गई तो शोरगुल मचाते हुए बचाव में जुट गए। काफी मशक्कत से चालक को करंट से मुक्त कराया गया। उसे सीएचसी चोपन ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद उसे वाराणसी ट्रामा सेंटर भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चोपन थाना प्रभारी लक्ष्मण पर्वत ने बताया कि झुलसे बस चालक को जिला अस्पताल से वाराणसी ट्रामा सेंटर भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना परिवारवालों को दी गई है। उनकी तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
काफी समय से लटक रहा था तार
बस की छत पर चढ़े चालक की हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से मौत से लोग सन्न रह गए। ज्यादातर बराती रात में ही लौट गए। सादगी पूर्वक शादी की रस्में अदा की गई। घटना के लिए लोग बिजली विभाग की लापरवाही को कारण बता रहे थे। अपना दल एस के नेता नागेश्वर गोंड ने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां घटना हुई है, वहां 11000 हजार वोल्ट का तार काफी नीचे है। इस बाबत हमने कई बार विभाग को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
26-28 फीट ऊंचा होता है तार
बिजली विभाग के मानक के मुताबिक हाईटेंशन तार 11 मीटर ऊंचे पोल पर बांधे जाते हैं। इसमें पोल करीब एक से डेढ़ मीटर तक जमीन में होता है, जबकि शिखर से कुछ नीचे तार बांधा जाता है। इस लिहाज से तार की ऊंचाई कम से कम 26-28 फीट होनी चाहिए। चोपन के गड़ईडीह के पास घटनास्थल पर तार की ऊंचाई इससे कम थी। हालांकि विभाग के जिम्मेदार इसके लिए सड़क व पुलिया की ऊंचाई बढ़ने को कारण बता रहे हैं।
मौके का निरीक्षण किया गया है। तार तय ऊंचाई पर ही खींचा गया था। पुलिया और सड़क का निर्माण बाद में हुआ है। तेज गर्मी से भी तार कुछ ढीला हुआ है, उसे ठीक करा दिया जाएगा। -अक्षय यादव, जेई, चोपन।
विज्ञापन
नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्र गड़ईडीह में संजय शर्मा के घर अहरौरा से बरात आई थी। रात में खाना खाने के बाद बराती सोने चले गए। बरातियों को लेकर आई बस को पुलिया के पास खड़ा कर चालक उसकी छत पर सोने के लिए चढ़ गया। बस की छत पर जैसे ही वह खड़ा हुआ, ऊपर से गुजरे 11 हजार वोल्ट के तार से स्पर्श हो गया। हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से बस चालक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के हिनौता गांव निवासी विनोद केशरी उर्फ बिंदू (48) झुलस गया। बस में भी करंट उतर गया। बस के बांए हिस्से में लगे तीन टायर तेज आवाज के साथ बर्स्ट हो गए। आवाज सुनकर लोगों की नजर उस ओर गई तो शोरगुल मचाते हुए बचाव में जुट गए। काफी मशक्कत से चालक को करंट से मुक्त कराया गया। उसे सीएचसी चोपन ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद उसे वाराणसी ट्रामा सेंटर भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चोपन थाना प्रभारी लक्ष्मण पर्वत ने बताया कि झुलसे बस चालक को जिला अस्पताल से वाराणसी ट्रामा सेंटर भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना परिवारवालों को दी गई है। उनकी तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
काफी समय से लटक रहा था तार
बस की छत पर चढ़े चालक की हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से मौत से लोग सन्न रह गए। ज्यादातर बराती रात में ही लौट गए। सादगी पूर्वक शादी की रस्में अदा की गई। घटना के लिए लोग बिजली विभाग की लापरवाही को कारण बता रहे थे। अपना दल एस के नेता नागेश्वर गोंड ने बिजली विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां घटना हुई है, वहां 11000 हजार वोल्ट का तार काफी नीचे है। इस बाबत हमने कई बार विभाग को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
26-28 फीट ऊंचा होता है तार
बिजली विभाग के मानक के मुताबिक हाईटेंशन तार 11 मीटर ऊंचे पोल पर बांधे जाते हैं। इसमें पोल करीब एक से डेढ़ मीटर तक जमीन में होता है, जबकि शिखर से कुछ नीचे तार बांधा जाता है। इस लिहाज से तार की ऊंचाई कम से कम 26-28 फीट होनी चाहिए। चोपन के गड़ईडीह के पास घटनास्थल पर तार की ऊंचाई इससे कम थी। हालांकि विभाग के जिम्मेदार इसके लिए सड़क व पुलिया की ऊंचाई बढ़ने को कारण बता रहे हैं।
मौके का निरीक्षण किया गया है। तार तय ऊंचाई पर ही खींचा गया था। पुलिया और सड़क का निर्माण बाद में हुआ है। तेज गर्मी से भी तार कुछ ढीला हुआ है, उसे ठीक करा दिया जाएगा। -अक्षय यादव, जेई, चोपन।