फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Drinking water project worth Rs 47 crore closed due to lack of budget

Sonebhadra News: 47 करोड़ की पेयजल परियोजना बजट के अभाव में बंद

Fri, 27 Sep 2024 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2024 11:42 PM IST
विज्ञापन
Drinking water project worth Rs 47 crore closed due to lack of budget
अनपरा। म्योरपुर ब्लॉक के कुलडोमरी गांव में शुद्ध पेयजल के लिए 47 करोड़ की लागत से लगी कुलडोमरी पेयजल परियोजना दो वर्षों से बंद पड़ी है। ग्रामीण कुएं, नदियों और चुआड़ का दूषित पानी पीने को विवश हैं।
विज्ञापन


कुलडोमरी ग्राम पंचायत करीब 30 किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। पहाड़ी व पथरीली जमीन होने के कारण यहां पानी का स्रोत काफी नीचे रहता है। गांव का ज्यादातर हिस्सा पानी के लिए कुओं एवं पहाड़ी नदियों पर ही निर्भर रहता है। ग्राम पंचायत की ओर से हैंडपंप तो लगाए गए हैं, लेकिन वे नाकाफी हैं। पानी भी शुद्ध नहीं मिलता। ग्रामीणों की इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत 47 करोड़ की लागत से गांव में पेयजल परियोजना स्थापित कराई। हर घर कनेक्शन भी दिया गया, लेकिन जल निगम ने एक वर्ष संचालित करने के बाद इस परियोजना को ग्राम पंचायत के सुपुर्द कर दिया। फंड के अभाव में ग्राम पंचायत ने भी एक माह संचालित कर हाथ खड़े कर दिए। अब पिछले एक वर्ष से पेयजल परियोजना बंद है और ग्रामीण दूषित पानी का इस्तेमाल करने को विवश हैं।
विज्ञापन

दूषित पानी से डायरिया के शिकार हो रहें ग्रामीण
ग्राम पंचायत के सुदूर इलाकों में शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नही है। ग्रामीण खुले कुएं और पहाड़ी नदियों के किनारे चुआड़ बनाकर पानी को इस्तेमाल में ले रहे हैं। बारिश में पानी और दूषित हो जाता है। बारिश के दिनों में टैंकर भी बंद हो जाता है। गांव के कुछ टोले तो ऐसे हैं, जहां टैंकर भी नहीं पहुंच पाता है। सप्ताह पूर्व गांव के मोहलाईनसोत में एक ही परिवार के 7 लोग डायरिया से पीड़ित होने के कारण अस्पताल में भर्ती हुए।इसमें दादू प्रसा की एक बच्ची की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। इसके बाद ग्राम पंचायत सचिव ने परिवार के यहां आरओ पानी की व्यवस्था कराई और दवा का छिड़काव भी कराया, लेकिन पेयजल परियोजना के संचालन के लिए कोई पहल नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेयजल परियोजना की मशीनें हो रहीं बदहाल
विभागीय खींचतान के बीच करोड़ों की पेयजल परियोजना धूल फांक रही है। मशीनों में जंग लग रहा है और वाल्व भी जाम हो गए हैं। अब परियोजना को दोबारा शुरू करने के लिए मरम्मत में अतिरिक्त पैसे भी खर्च करने होंगे। टंकी परिसर में बड़े-बड़े घास उग आए हैं। पुराने कर्मचारी आज भी सुरक्षा के लिहाज से रात्रि में टंकी परिसर में ही सोते हैं, लेकिन बंद टंकियों से मोटर व कीमती सामान के चोरी होने का खतरा बना हुआ है। विभागीय उदासीनता का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।

फंड की कमी के कारण पेयजल परियोजना जल निगम को वापस कर दी गई है। मोहलाईनसोत में सोलर पंप में जल्द ही आरओ लगवा दिया जाएगा। गांव के अन्य क्षेत्रों में कुंओं में दवा छिड़काव कराया जा रहा है। - सुरेंद्र कुमार, सचिव कुलडोमरी ग्राम पंचायत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed