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Sonebhadra News: पांडू नदी सूखते ही गहराया पेयजल संकट
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-कोन। स्थानीय विकासखंड में पांडू नदी के आसपास बसे गांवों में पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। इसकी प्रमुख वजह कभी न सूखने वाली पांडू नदी इस बार मार्च में ही सूख गई। इसके बाद जलस्तर तेजी से नीचे खिसक गया है।
ऐसे में क्षेत्र के विभिन्न गावों में लगे हैंडपंप और तालाब सूख गए हैं। इससे एक ओर जहां लोगों के समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो गया है तो दूसरी ओर पशु-पक्षी व मवेशियों के सामने भी संकट की स्थिति है। क्षेत्र के पशुपालकों की पशुओं के लिए पानी की निर्भरता पांडू नदी पर ही थी। बुजुर्गों के अनुसार पांडू नदी का महाभारत काल से जुड़ा इतिहास रहा है। यह नदी सदा बहने वाली है, जो अब तक कभी नहीं सूखती थी। इस बार मार्च माह में ही सूख गई।
पांडू नदी सूखते ही 1982 में सिंचाई विभाग की ओर से लगा पेयजल सप्लाई सिस्टम भी ठप हो गया है। इससे कोन में पेयजल समस्या गहरा गई है। पांडू नदी में कई स्थानों पर बने श्मशानघाटों में भी शव के साथ पानी लेकर जाना पड़ रहा है। पांडू नदी सूखने से विकास खण्ड के कुडवा, कचनरवा, पिपरखाड, चेरवाडीह, रोरवा, मिटिहिनिया, खेतकटवा, मिश्री, बरवाखाड समेत दर्जनों गांव मे पेयजल समस्या गहरा गया है। क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराते हुए मवेशियों के लिए पेयजल की व्यवस्था कराने की म़ाग किया है।
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ऐसे में क्षेत्र के विभिन्न गावों में लगे हैंडपंप और तालाब सूख गए हैं। इससे एक ओर जहां लोगों के समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो गया है तो दूसरी ओर पशु-पक्षी व मवेशियों के सामने भी संकट की स्थिति है। क्षेत्र के पशुपालकों की पशुओं के लिए पानी की निर्भरता पांडू नदी पर ही थी। बुजुर्गों के अनुसार पांडू नदी का महाभारत काल से जुड़ा इतिहास रहा है। यह नदी सदा बहने वाली है, जो अब तक कभी नहीं सूखती थी। इस बार मार्च माह में ही सूख गई।
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पांडू नदी सूखते ही 1982 में सिंचाई विभाग की ओर से लगा पेयजल सप्लाई सिस्टम भी ठप हो गया है। इससे कोन में पेयजल समस्या गहरा गई है। पांडू नदी में कई स्थानों पर बने श्मशानघाटों में भी शव के साथ पानी लेकर जाना पड़ रहा है। पांडू नदी सूखने से विकास खण्ड के कुडवा, कचनरवा, पिपरखाड, चेरवाडीह, रोरवा, मिटिहिनिया, खेतकटवा, मिश्री, बरवाखाड समेत दर्जनों गांव मे पेयजल समस्या गहरा गया है। क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराते हुए मवेशियों के लिए पेयजल की व्यवस्था कराने की म़ाग किया है।
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