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राजस्व गांवों में ड्रेन कैमरे से नहीं होगा सर्वे
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सोनभद्र। जिले के 1441 राजस्व गांवों में से 1131 गांवों में ही सर्वे किया जाना है। इसमें 1100 से अधिक गांवों का नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 290 राजस्व गांवों में सर्वे नहीं किया जाएगा। जिन गांवों में सर्वे नहीं होगाख् वे गैर आबादी वाले गांव हैं या फिर वहां चकबंदी चल रही है।
आबादी की भूमि के सर्वे का काम जिले में तेजी से चल रहा है ताकि भूमि का चिह्नांकन कर उसके स्वामित्व की घरौनी का वितरण किया जा सकें और भूमि को लेकर होने वाले विवाद को भी खत्म किया जा सके। चारों तहसीलों के सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सदर, ओबरा, घोरावल और दुदी तहसील में 1441 राजस्व गांव है जिसमें 49 गैर आबाद गांव है। वहीं 184 गांवों में आबादी की जमीन ही नहीं है। पांच गांव नगर पंचायत और नगर पालिका में शामिल और 49 गांव चकबंदी प्रक्रिया के अधीन हैं और तीन गांव में विशिष्ट कारणों से सर्वे नहीं होगा। इस नाते 1131 गांवों में पंचायती राज मंत्रालय से संचालित नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वे कर उनका स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार किया जा रहा है। सरकारी भवन, स्कूल, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, सामुदायिक भवन, व्यक्तिगत संपत्तियों, सरकारी संपत्ति, ग्रामसभा की भूमि, आदि की पहचान कर उन्हें ऑनलाइन किया जाएगा।
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स्वामित्व योजना के तहत आबादी वाली भूमि में बने घर व जमीन का सर्वे कराया जा रहा है। अधिकांश राजस्व गांवों का सर्वे हो चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि रिहायशी भूमि के विवाद को खत्म किया जाए। आबादी वाले जमीन पर जो रह रहा है उनका नाम चढ़ाकर उनको घरौनी दी जा रही है। - राकेश सिंह, अपर जिलाधिकारी, भू-राजस्व
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आबादी की भूमि के सर्वे का काम जिले में तेजी से चल रहा है ताकि भूमि का चिह्नांकन कर उसके स्वामित्व की घरौनी का वितरण किया जा सकें और भूमि को लेकर होने वाले विवाद को भी खत्म किया जा सके। चारों तहसीलों के सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सदर, ओबरा, घोरावल और दुदी तहसील में 1441 राजस्व गांव है जिसमें 49 गैर आबाद गांव है। वहीं 184 गांवों में आबादी की जमीन ही नहीं है। पांच गांव नगर पंचायत और नगर पालिका में शामिल और 49 गांव चकबंदी प्रक्रिया के अधीन हैं और तीन गांव में विशिष्ट कारणों से सर्वे नहीं होगा। इस नाते 1131 गांवों में पंचायती राज मंत्रालय से संचालित नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वे कर उनका स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार किया जा रहा है। सरकारी भवन, स्कूल, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, सामुदायिक भवन, व्यक्तिगत संपत्तियों, सरकारी संपत्ति, ग्रामसभा की भूमि, आदि की पहचान कर उन्हें ऑनलाइन किया जाएगा।
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स्वामित्व योजना के तहत आबादी वाली भूमि में बने घर व जमीन का सर्वे कराया जा रहा है। अधिकांश राजस्व गांवों का सर्वे हो चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि रिहायशी भूमि के विवाद को खत्म किया जाए। आबादी वाले जमीन पर जो रह रहा है उनका नाम चढ़ाकर उनको घरौनी दी जा रही है। - राकेश सिंह, अपर जिलाधिकारी, भू-राजस्व
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