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Sonebhadra News: एमसीएच विंग में गंदगी पर बिफरे डीएम, दी हिदायत
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तीन दिन पहले राज्य महिला आयोग की सदस्य के निरीक्षण में सफाई व्यवस्था की बदहाली के बाद भी मातृ-शिशु इकाई (एमसीएच) के जिम्मेदारों ने कोई सबक नहीं लिया। बुधवार को जब डीएम निरीक्षण में पहुंचे तब भी यहां सफाई व्यवस्था बदहाल मिली।
डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए चिकित्सा अधीक्षक को इसमें सुधार के निर्देश दिए। डीएम बद्रीनाथ सिंह बुधवार को अचानक जिला अस्पताल परिसर में संचालित 100 बेड के मातृ-शिशु इकाई के निरीक्षण को पहुंचे।
उन्होंने परिसर में साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। कई जगह गंदगी का अंबार मिला। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं थी। चिकित्सा अधीक्षक ने जलबहाव के लिए नाला निर्माण की जरूरत बताई। कहा कि इसके अभाव में पानी लगने की समस्या बनी हुई है।
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डीएम ने इसके लिए संबंधित निर्माण एजेंसी को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इससे पहले डीएम ने रौंप में निर्माणाधीन जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय भवन व विश्राम गृह का भी निरीक्षण किया।
निर्माण कार्य में प्रयोग की जाने वाली सरिया, सीमेंट, ईंट आदि सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी ली। यूपी सिडको के परियोजना प्रबंधक को निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण तरीके से सुनिश्चित करने की हिदायत दी। कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि भवन निर्माण के लिए 4.8953 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से ढाई करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है। अब तक 1.20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह कार्य 14 मार्च 2025 पूरा करना है। निर्माण कार्य निर्धारित समय अवधि में पूर्ण कर लिया जाएगा।
इसके पश्चात इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. अश्वनी कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. डी.के. सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।
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डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए चिकित्सा अधीक्षक को इसमें सुधार के निर्देश दिए। डीएम बद्रीनाथ सिंह बुधवार को अचानक जिला अस्पताल परिसर में संचालित 100 बेड के मातृ-शिशु इकाई के निरीक्षण को पहुंचे।
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उन्होंने परिसर में साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। कई जगह गंदगी का अंबार मिला। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं थी। चिकित्सा अधीक्षक ने जलबहाव के लिए नाला निर्माण की जरूरत बताई। कहा कि इसके अभाव में पानी लगने की समस्या बनी हुई है।
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डीएम ने इसके लिए संबंधित निर्माण एजेंसी को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इससे पहले डीएम ने रौंप में निर्माणाधीन जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय भवन व विश्राम गृह का भी निरीक्षण किया।
निर्माण कार्य में प्रयोग की जाने वाली सरिया, सीमेंट, ईंट आदि सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी ली। यूपी सिडको के परियोजना प्रबंधक को निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण तरीके से सुनिश्चित करने की हिदायत दी। कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि भवन निर्माण के लिए 4.8953 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से ढाई करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है। अब तक 1.20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह कार्य 14 मार्च 2025 पूरा करना है। निर्माण कार्य निर्धारित समय अवधि में पूर्ण कर लिया जाएगा।
इसके पश्चात इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. अश्वनी कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. डी.के. सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।