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Sonebhadra News: ग्राम पंचायतों में सुस्त विकास कार्यों पर डीएम नाराज
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सोनभद्र। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने शुक्रवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले के 32 ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने को लेकर ग्राम पंचायतों को धनराशि एक साल पहले जारी की गई थी। उन ग्राम पंचायतों में कार्य की प्रगति काफी धीमी है। इसके साथ ही 144 गांव में धनराशि सोक पीट और नाडेप निर्माण के लिए दिया गया था। जिस पर 50 के आस-पास की प्रगति की गई है। इसी के साथ 15 ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त धनराशि देकर उनको मॉडल किया जाना था। जिस पर सभी विकास खंडों में कोई भी कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत को चेतावनी दिया।
डीएम ने निर्देशित किया कि अगर एक सप्ताह में कार्य की प्रगति में सुधार नहीं होता है, तो संबंधित का एक सप्ताह का वेतन काटया जाएगा। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि शौचालय निर्माण को लेकर जिले में 14492 के निर्माण का लक्ष्य मिला है। मगर अभी तक मात्र 3300 शौचालयों के लाभार्थियों का चयन कर वेबसाइट पर कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी ने 30 जून तक लाभार्थियों के खाते में धनराशि स्थानांतरित करने के लिए पात्र लाभार्थियों का चयन करने का निर्देश दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि एक सप्ताह में जिन ग्राम पंचायत की प्रगति नहीं होगी। उन ग्राम पंचायत के सचिव का एक हफ्ते का वेतन काट दिया जाएगा। इसी प्रकार जिस विकास खण्ड की प्रगति धीमी पाई जायेगी, उन विकास खंड के एडीओ पंचायत का एक सप्ताह के वेतन काटा जाएगा। इस बैठक में उन ग्राम पंचायतों की समीक्षा हुई जिनके पास 13वें व 14वें वित्त को मिलाकर कुल 50 लाख से अधिक धनराशि पड़ी है और विकास कार्यों की रफ्तार धीमी है। डीएम ने समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन ग्राम सभाओं में अधिक संख्या में धनराशि पड़ी है। उन गांवों का निरीक्षण कर विकास योजनाओं से संबंधित कार्ययोजना तैयार कर धनराशि को खर्च कराएं। इस दौरान लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी।
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समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले के 32 ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने को लेकर ग्राम पंचायतों को धनराशि एक साल पहले जारी की गई थी। उन ग्राम पंचायतों में कार्य की प्रगति काफी धीमी है। इसके साथ ही 144 गांव में धनराशि सोक पीट और नाडेप निर्माण के लिए दिया गया था। जिस पर 50 के आस-पास की प्रगति की गई है। इसी के साथ 15 ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त धनराशि देकर उनको मॉडल किया जाना था। जिस पर सभी विकास खंडों में कोई भी कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत को चेतावनी दिया।
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डीएम ने निर्देशित किया कि अगर एक सप्ताह में कार्य की प्रगति में सुधार नहीं होता है, तो संबंधित का एक सप्ताह का वेतन काटया जाएगा। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि शौचालय निर्माण को लेकर जिले में 14492 के निर्माण का लक्ष्य मिला है। मगर अभी तक मात्र 3300 शौचालयों के लाभार्थियों का चयन कर वेबसाइट पर कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी ने 30 जून तक लाभार्थियों के खाते में धनराशि स्थानांतरित करने के लिए पात्र लाभार्थियों का चयन करने का निर्देश दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि एक सप्ताह में जिन ग्राम पंचायत की प्रगति नहीं होगी। उन ग्राम पंचायत के सचिव का एक हफ्ते का वेतन काट दिया जाएगा। इसी प्रकार जिस विकास खण्ड की प्रगति धीमी पाई जायेगी, उन विकास खंड के एडीओ पंचायत का एक सप्ताह के वेतन काटा जाएगा। इस बैठक में उन ग्राम पंचायतों की समीक्षा हुई जिनके पास 13वें व 14वें वित्त को मिलाकर कुल 50 लाख से अधिक धनराशि पड़ी है और विकास कार्यों की रफ्तार धीमी है। डीएम ने समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन ग्राम सभाओं में अधिक संख्या में धनराशि पड़ी है। उन गांवों का निरीक्षण कर विकास योजनाओं से संबंधित कार्ययोजना तैयार कर धनराशि को खर्च कराएं। इस दौरान लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी।
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