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Sonebhadra News: फंदे से लटकता मिला डीएलएम का शव
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रेणुकूट के डीएलएम मृतक- सत्यपाल प्रकाश(फाइल फोटो) स्रोत परिजन
पिपरी थाना क्षेत्र अंतर्गत रेणुकूट स्थित एक निजी अतिथि गृह में बृहस्पतिवार की रात वन निगम के डिप्टी लॉगिंग मैनेजर (डीएलएम) सत्यपाल प्रसाद (40) का शव फंदे से लटकता मिला। वह विभागीय कार्य से रेणुकूट पहुंचे थे। सूचना मिलने पर पुलिस और फाॅरेंसिक टीम पहुंची और घटनास्थल की जांच की। इसके बाद शव को नीचे उतरवाकर हिंडाल्को मोर्चरी में रखवाया गया। शुक्रवार की सुबह दुद्धी सीएचसी में पोस्टमार्टम कराया गया।
सत्यपाल प्रसाद मूल रूप से ग्राम भरहे चौरा, भटनी, सलेमपुर देवरिया के रहने वाले थे। उनकी मूल तैनाती मिर्जापुर डिविजन में थी। पिपरी डिवीजन का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास था। बृहस्पतिवार की शाम करीब सात बजे वह विभागीय कार्य से रेणुकूट पहुंचे और एक निजी अतिथि गृह में ठहरे। देर रात चालक ने कई बार मोबाइल पर फोन किया मगर फोन नहीं उठा। इस पर वह अतिथि गृह पहुंचा। काफी प्रयास के बाद कमरे का दरवाजा खोला गया तो सत्यपाल प्रसाद पंखे के सहारे गमछे से लटके मिले। बताया जा रहा है कि घटना से पहले उनकी पत्नी के साथ बात हुई थी। घटना की सूचना तत्काल रेणुकूट चौकी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ जांच-पड़ताल की और शव को हिंडाल्को के मोर्चरी में रखवा दिया। पिपरी थाना प्रभारी राजेश जी चौबे ने बताया कि शुक्रवार की सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा गया है। घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक के परिवार में पत्नी और तीन व पांच वर्ष के दो बच्चे हैं। परिवार मिर्जापुर में रहता है। सत्यपाल वनविभाग में एसडीओ व तहसीलदार के पद पर काम कर चुके थे।
पारिवारिक कलह तो नहीं बनी आत्महत्या की वजह
दुद्धी। रेणुकूट स्थित एक गेस्ट हाउस में डीएलएम सत्यपाल प्रसाद के मौत के पीछे का कारण पारिवारिक कलह भी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि सत्यपाल प्रसाद मिर्जापुर से पिपरी अपने कार्यालय तुर्रा पिपरी में बृहस्पतिवार को पहुंचे थे। रात को विश्राम के लिए एक गेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था पहले से ही की गई थी। देर रात सत्यपाल प्रसाद अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे। उसी बीच पत्नी से कहासुनी ऑनलाइन फोन पर ही बातचीत के दौरान हो गई। उन्होंने कहा कि अब हम जिंदा नही रहेंगे फांसी लगा लेंगे। इतना सुनते ही पत्नी ने सत्यपाल के चालक को फोन पर सूचना देते हुए गेस्ट हाउस में भेजकर देखने की बात बोली। चालक जब गेस्ट हाउस के रूम में पहुंच कर देखा तो सत्यपाल फंदे पर लटके मिले। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे घरवालों का करुण क्रंदन सुनकर वहां उपस्थित लोगाें की आंखे नम हो गई।
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सत्यपाल प्रसाद मूल रूप से ग्राम भरहे चौरा, भटनी, सलेमपुर देवरिया के रहने वाले थे। उनकी मूल तैनाती मिर्जापुर डिविजन में थी। पिपरी डिवीजन का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास था। बृहस्पतिवार की शाम करीब सात बजे वह विभागीय कार्य से रेणुकूट पहुंचे और एक निजी अतिथि गृह में ठहरे। देर रात चालक ने कई बार मोबाइल पर फोन किया मगर फोन नहीं उठा। इस पर वह अतिथि गृह पहुंचा। काफी प्रयास के बाद कमरे का दरवाजा खोला गया तो सत्यपाल प्रसाद पंखे के सहारे गमछे से लटके मिले। बताया जा रहा है कि घटना से पहले उनकी पत्नी के साथ बात हुई थी। घटना की सूचना तत्काल रेणुकूट चौकी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ जांच-पड़ताल की और शव को हिंडाल्को के मोर्चरी में रखवा दिया। पिपरी थाना प्रभारी राजेश जी चौबे ने बताया कि शुक्रवार की सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा गया है। घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक के परिवार में पत्नी और तीन व पांच वर्ष के दो बच्चे हैं। परिवार मिर्जापुर में रहता है। सत्यपाल वनविभाग में एसडीओ व तहसीलदार के पद पर काम कर चुके थे।
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पारिवारिक कलह तो नहीं बनी आत्महत्या की वजह
दुद्धी। रेणुकूट स्थित एक गेस्ट हाउस में डीएलएम सत्यपाल प्रसाद के मौत के पीछे का कारण पारिवारिक कलह भी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि सत्यपाल प्रसाद मिर्जापुर से पिपरी अपने कार्यालय तुर्रा पिपरी में बृहस्पतिवार को पहुंचे थे। रात को विश्राम के लिए एक गेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था पहले से ही की गई थी। देर रात सत्यपाल प्रसाद अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे। उसी बीच पत्नी से कहासुनी ऑनलाइन फोन पर ही बातचीत के दौरान हो गई। उन्होंने कहा कि अब हम जिंदा नही रहेंगे फांसी लगा लेंगे। इतना सुनते ही पत्नी ने सत्यपाल के चालक को फोन पर सूचना देते हुए गेस्ट हाउस में भेजकर देखने की बात बोली। चालक जब गेस्ट हाउस के रूम में पहुंच कर देखा तो सत्यपाल फंदे पर लटके मिले। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे घरवालों का करुण क्रंदन सुनकर वहां उपस्थित लोगाें की आंखे नम हो गई।
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