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देर से एंबुलेंस पहुंचने पर जिला अस्पताल में तोड़फोड़
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जिला संयुक्त चिकित्सालय में सोमवार की शाम को देर से एंबुलेंस पहुंचने पर कुछ लोगों ने दरवाजे का कांच तोड़ दिया। हंगामा कर रहे लोगों ने सूचना देने के काफी देर बाद एंबुलेंस पहुंचने का आरोप लगाया। एंबुलेंस पहुंचने पर वे लोग शांत होकर चले गए।
जानकारी के अनुसार सोमवार को बहुअरा गांव के समीप तीनताली मोड़ के पास अनियंत्रित होकर बाइक सड़क के किनारे जा गिरी। हादसे में बाइक सवार सदर कोतवाली क्षेत्र के पसही गांव निवासी राजन (21), अमन पाठक (22) और अंगद यादव (21) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर ने अंगद को मृत घोषित कर दिया। अमन पाठक की हालत गंभीर देख ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। एक व्यक्ति ने घायल को ले जाने के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस मांगा, लेकिन आधे घंटे बीत जाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। जबकि घायल तड़प रहा था। यह देख कुछ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और हंगामा करते हुए गेट के कांच को तोड़ दिया। नाराज लोगों का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से समय पर एंबुलेंस नहीं मिली है। हालांकि एंबुलेंस पहुंचने पर सभी लोग शांत हो गए। उधर, घायल अमन को उनके घरवाले ट्रामा सेंटर वाराणसी ले गए, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। जबकि तीसरे घायल राजन का इलाज चल रहा है। सड़क हादसे में पसही गांव के दो युवकों की मौत होने से पूरे गांव में मातम छा गया है। उधर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के कुमार का कहना है कि लखनऊ से 108 और 102 नंबर एंबुलेंस संचालित होती है। बेवजह कुछ लोगों ने हंगामा करते हुए अस्पताल के गेट का कांच तोड़ दिया। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी जाएगी।
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जानकारी के अनुसार सोमवार को बहुअरा गांव के समीप तीनताली मोड़ के पास अनियंत्रित होकर बाइक सड़क के किनारे जा गिरी। हादसे में बाइक सवार सदर कोतवाली क्षेत्र के पसही गांव निवासी राजन (21), अमन पाठक (22) और अंगद यादव (21) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर ने अंगद को मृत घोषित कर दिया। अमन पाठक की हालत गंभीर देख ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। एक व्यक्ति ने घायल को ले जाने के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस मांगा, लेकिन आधे घंटे बीत जाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। जबकि घायल तड़प रहा था। यह देख कुछ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और हंगामा करते हुए गेट के कांच को तोड़ दिया। नाराज लोगों का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से समय पर एंबुलेंस नहीं मिली है। हालांकि एंबुलेंस पहुंचने पर सभी लोग शांत हो गए। उधर, घायल अमन को उनके घरवाले ट्रामा सेंटर वाराणसी ले गए, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। जबकि तीसरे घायल राजन का इलाज चल रहा है। सड़क हादसे में पसही गांव के दो युवकों की मौत होने से पूरे गांव में मातम छा गया है। उधर अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के कुमार का कहना है कि लखनऊ से 108 और 102 नंबर एंबुलेंस संचालित होती है। बेवजह कुछ लोगों ने हंगामा करते हुए अस्पताल के गेट का कांच तोड़ दिया। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी जाएगी।
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