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खुलासा : फर्जी बिल के सहारे करते थे टैक्स की चोरी
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सिंगरौली में दस्तावेजों की पड़ताल करती जीएसटी टीम।स्रोत जागरूक पाठक
शक्तिनगर। सीमा से सटे मप्र के सिंगरौली में जीएसटी व ईओडब्ल्यू की संयुक्त कार्रवाई में 20 करोड़ कर चोरी का मामला उजागर हुआ है। मंगलवार से शुरू हुई जांच बुधवार को भी जारी रही।
दस्तावेजों की छानबीन के बाद अधिकारियों ने बताया कि फर्जी इनवाॅइस के जरिए व्यापारी फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करते थे। कार्रवाई मप्र के करीब 12 जिलों में चल रही है। इससे अपवंचन राशि बढ़ने की उम्मीद है।
टीम को सूचना मिली थी कि बैढन निवासी कर सलाहकार अनिल कुमार शाह की ओर से अनेक फर्मों से बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर स्थानीय फर्मों को उपलब्ध कराई गई है।
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इसके एवज में आर्थिक लाभ कमीशन के रूप में अनिल कुमार शाह ने प्राप्त किया। फर्मों की ओर से बिना माल अथवा सेवाओं के वास्तविक प्राप्ति के आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) प्राप्त कर लगभग 20 करोड़ की राजस्व क्षति शासन को पहुंचाई गई है।
जांच दल की ओर से जब्त दस्तावेजों एवं डिजिटल डाटा का परीक्षण किया जा रहा है। जांच कार्रवाई पूर्ण होने के बाद कर चोरी (अपवंचन) की वास्तविक राशि की गणना की जा सकेगी। प्रारंभिक स्तर पर कई संदिग्ध लेन-देन एवं फर्जी बिलिंग किए जाने संबंधी दस्तावेज प्राप्त हुए जिनका परीक्षण बुधवार को भी किया गया।
कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई रीवा डाॅ. अरविंद सिंह ठाकुर, असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी दीप खरे के नेतृत्व में निरीक्षक हरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक पवन राज, उप निरीक्षक अभिषेक पांडेय, सत्य नारायण मिश्रा, घनश्याम त्रिपाठी संतोष मिश्रा, अमित दुबे, साइबर सेल मुख्यालय भोपाल से सुनील कुमार मिश्रा, राकेश यादव आदि शामिल हैं।
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दस्तावेजों की छानबीन के बाद अधिकारियों ने बताया कि फर्जी इनवाॅइस के जरिए व्यापारी फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करते थे। कार्रवाई मप्र के करीब 12 जिलों में चल रही है। इससे अपवंचन राशि बढ़ने की उम्मीद है।
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टीम को सूचना मिली थी कि बैढन निवासी कर सलाहकार अनिल कुमार शाह की ओर से अनेक फर्मों से बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर स्थानीय फर्मों को उपलब्ध कराई गई है।
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इसके एवज में आर्थिक लाभ कमीशन के रूप में अनिल कुमार शाह ने प्राप्त किया। फर्मों की ओर से बिना माल अथवा सेवाओं के वास्तविक प्राप्ति के आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) प्राप्त कर लगभग 20 करोड़ की राजस्व क्षति शासन को पहुंचाई गई है।
जांच दल की ओर से जब्त दस्तावेजों एवं डिजिटल डाटा का परीक्षण किया जा रहा है। जांच कार्रवाई पूर्ण होने के बाद कर चोरी (अपवंचन) की वास्तविक राशि की गणना की जा सकेगी। प्रारंभिक स्तर पर कई संदिग्ध लेन-देन एवं फर्जी बिलिंग किए जाने संबंधी दस्तावेज प्राप्त हुए जिनका परीक्षण बुधवार को भी किया गया।
कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई रीवा डाॅ. अरविंद सिंह ठाकुर, असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी दीप खरे के नेतृत्व में निरीक्षक हरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक पवन राज, उप निरीक्षक अभिषेक पांडेय, सत्य नारायण मिश्रा, घनश्याम त्रिपाठी संतोष मिश्रा, अमित दुबे, साइबर सेल मुख्यालय भोपाल से सुनील कुमार मिश्रा, राकेश यादव आदि शामिल हैं।