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Sonebhadra News: प्रमाण पत्रों के अभाव में योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे दिव्यांग

Sat, 11 Nov 2023 11:10 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Nov 2023 11:10 PM IST
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Disabled people are being deprived of the benefits of schemes due to lack of certificates
सोनभद्र। नीति आयोग के आकांक्षी जनपद में दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। इससे पात्र होते हुए भी लोग सरकार की विभिन्न योजनाओं से वंचित हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित वह बच्चे हैं, जो जन्म से श्रवण बाधित हैं। प्रमाण पत्र नहीं बनने से उनका कॉक्लियर इम्प्लांट और सर्जरी नहीं हो पा रहा है। समस्या का मुख्य कारण जिले में कान के डॉक्टर का नहीं होना है। एक वर्ष से अधिक समय से कान के विशेषज्ञ डॉक्टर का पद रिक्त है।
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जिले में 10 हजार से अधिक दिव्यांग पंजीकृत हैं। इन दिव्यांगों को सरकार की सभी प्रकार की योजनाओं का लाभ दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। हाथ, पैर, आंख से दिव्यांगों का प्रत्येक सोमवार को कैंप लगाकर समिति के समक्ष जांच करते हुए दिव्यांगता प्रमाण पत्र तो बन जा रहा है, मगर जो लोग श्रवण बाधित हैं, उनकी जांच नहीं होने से प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा। दिव्यांगता जांच के लिए समिति में कान रोग के विशेषज्ञ डॉक्टर की उपस्थिति अनिवार्य होती है।
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जिला अस्पताल की कौन कहे पूरे जिले के सरकारी अस्पतालों में कान के विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। सुनने में अक्षम करीब 150 से अधिक लोग दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
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बच्चे की नहीं हो पा रहा सर्जरी
दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी के मुताबिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बनने से एक बच्चे का कॉक्लियर इम्प्लांट और सर्जरी नहीं हो पा रहा। वह बच्चा जन्म से सुनने में अक्षम हैं। यह सर्जरी सिर्फ पांच वर्ष के उम्र तक के बच्चे की होती है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बनने से उसकी सर्जरी नहीं हो पा रहा है। बताया कि जो बच्चे जन्म से श्रवण बाधित हैं, उनका कॉक्लियर इम्प्लांट और सर्जरी के लिए विभाग छह लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता की जाती है।
लंबे समय से कान के डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से श्रवण बाधितों का दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। इससे उन्हें विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या से सीएमओ के साथ ही उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। - विद्यादास, जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी-सोनभद्र।

प्रत्येक सोमवार को कैम्प लगाकर दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। कान के डॉक्टर नहीं होने से श्रवण बाधितों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। डॉक्टर के तैनाती के संबंध में एडी स्वास्थ्य को पत्राचार किया गया है। फिलहाल श्रवण बाधितों को बाहर भेजकर उनका जांच कराने की तैयारी चल रही है। - डा.अश्वनी कुमार, सीएमओ-सोनभद्र।
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