{"_id":"6298f89a09cd61275865135e","slug":"dgms-seeks-reply-from-khadia-gm-sonbhadra-news-vns6568688159","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीजीएमएस ने खड़िया जीएम से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीजीएमएस ने खड़िया जीएम से मांगा जवाब
विज्ञापन
एनसीएल खड़िया के पुरेवा बाटम में उपयोग की जा रही टायर माउंटेड ड्रील मशीन।
- फोटो : SONBHADRA
डायरेक्टर जनरल ऑफ माइन सेफ्टी (डीजीएमएस) ने कोयला खदान में चेन की जगह टायर माउंटेड ड्रिल के उपयोग को गंभीरता से लिया है। इस मामले में एनसीएल खड़िया के जीएम से जवाब मांगा है। दस दिन में स्पष्टीकरण देने के साथ खदान विनियम अधिनियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
एनसीएल की कोयला खदानों में प्रतिबंध के बावजूद टायर माउंटेन ड्रिल मशीन के उपयोग का मामला अमर उजाला ने आठ मई के अंक में कोयला खदानों में टूट रहे कायदे शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था। इस प्रकरण में एनसीएल अधिकारियों की सफाई जरूर आई लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी। एनसीएल खड़िया के पुरेवा बॉटम क्षेत्र में आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा नियम विरुद्ध प्रयोग की जा रही टायर माउंटेड ड्रिल की जानकारी डीजीएमएस के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी को दी गई। करीब 25 दिन बाद क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक एसएस प्रसाद ने मामले को संज्ञान में लिया। इस प्रकरण में एनसीएल खड़िया (ओपेन कास्ट माइंस) के महाप्रबंधक को 31 मई को पत्र जारी कर जवाब तलब किया गया है। एनसीएल की क्षेत्र में दस खुली कोयला खदानें संचालित हैं। इन खदानों से आउटसोर्स के जरिए अधिभार (ओबी) हटाने का कार्य निजी कंपनियां करती हैं। कम वक्त में अधिक कमाई के लिए खदान के कायदों को हाशिये पर डाल दिया गया है। यह स्थिति तब है जब सुरक्षित खनन गतिविधियों की निगरानी एनसीएल मुख्यालय व डायरेक्टर जनरल आफ माइंस सेफ्टी के द्वारा की जाती है। हाल के महीनों में खदान क्षेत्रों में हुए कई हादसों को नियम विरुद्ध खनन से जोड़ा गया। कुछ मामलों में ट्रेड यूनियनों ने भी गंभीर सवाल खड़ा किया लेकिन व्यवस्था में सुधार संभव नहीं हो सका। माना जा रहा है कि डीजीएमएस के सख्त रुख अख्तियार करने से सुधार होगा लेकिन कब तक यह भविष्य के गर्त में है।
ड्रिल से बनाया जाता है ब्लास्टिंग होल
एनसीएल की खुली खदानों से कोयला निकासी के लिए अधिभार (ओबी) हटाया जाना एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। पहाड़ में ड्रिल मशीन के जरिए होल किया जाता है। इन बड़े व गहरे छेदों में बारूद भरकर ब्लास्टिंग कराई जाती है। इसके बाद बिखरे मलबे को हटा कर कोयला परत तक पहुंचा जाता है। सुरक्षा के लिहाज से पहाड़ को छेदने के लिए चेन पर चलने वाली ड्रिल मशीन के प्रयोग का प्राविधान है। इसके विपरीत निजी कंपनियां टायर माउंटेन मशीन का प्रयोग कर रही है। यह चेन के मुताबिक किफायती साबित होता है लेकिन खान नियम अनुसार असुरक्षित माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनसीएल की कोयला खदानों में प्रतिबंध के बावजूद टायर माउंटेन ड्रिल मशीन के उपयोग का मामला अमर उजाला ने आठ मई के अंक में कोयला खदानों में टूट रहे कायदे शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था। इस प्रकरण में एनसीएल अधिकारियों की सफाई जरूर आई लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी। एनसीएल खड़िया के पुरेवा बॉटम क्षेत्र में आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा नियम विरुद्ध प्रयोग की जा रही टायर माउंटेड ड्रिल की जानकारी डीजीएमएस के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी को दी गई। करीब 25 दिन बाद क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक एसएस प्रसाद ने मामले को संज्ञान में लिया। इस प्रकरण में एनसीएल खड़िया (ओपेन कास्ट माइंस) के महाप्रबंधक को 31 मई को पत्र जारी कर जवाब तलब किया गया है। एनसीएल की क्षेत्र में दस खुली कोयला खदानें संचालित हैं। इन खदानों से आउटसोर्स के जरिए अधिभार (ओबी) हटाने का कार्य निजी कंपनियां करती हैं। कम वक्त में अधिक कमाई के लिए खदान के कायदों को हाशिये पर डाल दिया गया है। यह स्थिति तब है जब सुरक्षित खनन गतिविधियों की निगरानी एनसीएल मुख्यालय व डायरेक्टर जनरल आफ माइंस सेफ्टी के द्वारा की जाती है। हाल के महीनों में खदान क्षेत्रों में हुए कई हादसों को नियम विरुद्ध खनन से जोड़ा गया। कुछ मामलों में ट्रेड यूनियनों ने भी गंभीर सवाल खड़ा किया लेकिन व्यवस्था में सुधार संभव नहीं हो सका। माना जा रहा है कि डीजीएमएस के सख्त रुख अख्तियार करने से सुधार होगा लेकिन कब तक यह भविष्य के गर्त में है।
विज्ञापन
ड्रिल से बनाया जाता है ब्लास्टिंग होल
एनसीएल की खुली खदानों से कोयला निकासी के लिए अधिभार (ओबी) हटाया जाना एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। पहाड़ में ड्रिल मशीन के जरिए होल किया जाता है। इन बड़े व गहरे छेदों में बारूद भरकर ब्लास्टिंग कराई जाती है। इसके बाद बिखरे मलबे को हटा कर कोयला परत तक पहुंचा जाता है। सुरक्षा के लिहाज से पहाड़ को छेदने के लिए चेन पर चलने वाली ड्रिल मशीन के प्रयोग का प्राविधान है। इसके विपरीत निजी कंपनियां टायर माउंटेन मशीन का प्रयोग कर रही है। यह चेन के मुताबिक किफायती साबित होता है लेकिन खान नियम अनुसार असुरक्षित माना जाता है।
विज्ञापन