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Sonebhadra News: वन्यजीवों के हमले में मृत व्यक्ति के आश्रितों को मिलेगी सहायता राशि
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वन्यजीवों के हमले में मृत लोगों के आश्रितों (घरवालों) को भी अब राज्य आपदा मोचक निधि से आर्थिक सहायता दी जाएगी। सर्पदंश, अतिवृष्टि समेत 11 श्रेणियों में वन्यजीवों को भी शामिल किया गया है। यदि कोई व्यक्ति वन्यजीवों के हमले में मृत हो जाता है तो उसे पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके साथ ही वन विभाग की तरफ से भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। बीते दिनों जंगली सूअर के हमले में मृत व्यक्ति के परिजन भी योजना के तहत आवेदन कर आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भारत सरकार की तरफ से राज्य आपदा मोचक निधि और राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि से व्यय के संबंध में मानक एवं दरों को निर्धारित किया गया है।
वर्ष 2018 में जारी अधिसूचना में बेमौसम भारी वर्षा, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान एवं लू प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई एवं गैस रिसाव तथा बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटना को राज्य आपदा घोषित किया गया है। बाद में राज्य आपदा की सूची में अतिवृष्टि को भी शामिल किया गया है। मानव वन्य-जीव द्वंद को भी राज्य आपदा घोषित किए जाने की राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान की है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि किसी वन्य जीव के हमले से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को पांच लाख रुपये की धनराशि राज्य आपदा मोचक निधि से स्वीकृति की जाती है। राज्य आपदा मोचक निधि के मानक से अधिक व्यय होने वाली धनराशि एक लाख रुपये वन विभाग की तरफ से अपने विभागीय बजट से राजस्व विभाग को उपलब्ध कराई जाती है।
वन्यजीवों की श्रेणी में रखे गए हैं ये
वन विभाग की तरफ से वन्यजीवों की श्रेणी में शेर, बाघ, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, हाथी, गैण्डा, जंगली सूअर को शामिल किया गया हैं। यदि इन वन्यजीवों के हमले में किसी की मौत हो जाती है तो उसके आश्रितों एवं घरवालों को राज्य आपदा मोचक निधि से आर्थिक सहायता दी जाती है।
जंगली सूअर के हमले में युवक की हो गई मौत बीजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नेमना के टोला समथरहवा में बीते शुक्रवार को जंगली सूअर के हमले में शोभालाल (43) निवासी नेमना की मौत हो गई थी। वहीं उसका छोटो भाई रामसूरत (35) सूअर के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब दोनों भाई घर से दो सौ मीटर की दूरी पर ईंट भट्ठे से ईंट निकाल रहे थे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जब तक घटनास्थल पर पहुंचते तब तक सूअर के हमले से घायल शोभालाल की मौत हो चुकी थी।
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इसके साथ ही वन विभाग की तरफ से भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। बीते दिनों जंगली सूअर के हमले में मृत व्यक्ति के परिजन भी योजना के तहत आवेदन कर आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक भारत सरकार की तरफ से राज्य आपदा मोचक निधि और राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि से व्यय के संबंध में मानक एवं दरों को निर्धारित किया गया है।
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वर्ष 2018 में जारी अधिसूचना में बेमौसम भारी वर्षा, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान एवं लू प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई एवं गैस रिसाव तथा बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटना को राज्य आपदा घोषित किया गया है। बाद में राज्य आपदा की सूची में अतिवृष्टि को भी शामिल किया गया है। मानव वन्य-जीव द्वंद को भी राज्य आपदा घोषित किए जाने की राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान की है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार यदि किसी वन्य जीव के हमले से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को पांच लाख रुपये की धनराशि राज्य आपदा मोचक निधि से स्वीकृति की जाती है। राज्य आपदा मोचक निधि के मानक से अधिक व्यय होने वाली धनराशि एक लाख रुपये वन विभाग की तरफ से अपने विभागीय बजट से राजस्व विभाग को उपलब्ध कराई जाती है।
वन्यजीवों की श्रेणी में रखे गए हैं ये
वन विभाग की तरफ से वन्यजीवों की श्रेणी में शेर, बाघ, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, हाथी, गैण्डा, जंगली सूअर को शामिल किया गया हैं। यदि इन वन्यजीवों के हमले में किसी की मौत हो जाती है तो उसके आश्रितों एवं घरवालों को राज्य आपदा मोचक निधि से आर्थिक सहायता दी जाती है।
जंगली सूअर के हमले में युवक की हो गई मौत बीजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नेमना के टोला समथरहवा में बीते शुक्रवार को जंगली सूअर के हमले में शोभालाल (43) निवासी नेमना की मौत हो गई थी। वहीं उसका छोटो भाई रामसूरत (35) सूअर के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब दोनों भाई घर से दो सौ मीटर की दूरी पर ईंट भट्ठे से ईंट निकाल रहे थे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जब तक घटनास्थल पर पहुंचते तब तक सूअर के हमले से घायल शोभालाल की मौत हो चुकी थी।