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टोकन जेनरेट में मनमानी करने पर डीलर होंगे ब्लैक लिस्टेड
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सोनभद्र। कृषि विभाग की तरफ से संचालित योजनाओं में डीलर अब टोकन जेनरेट करने में मनमानी नहीं कर सकेंगे। यदि डीलर टोकन जेनरेट करने में मनमानी करते है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी मिलने पर डीलर को ब्लैक लिस्टेड भी किया जा सकता है।
उप कृषि निदेशक डीके गुप्ता ने बताया कि कृषि यंत्रीकरण की विभिन्न योजनाओं में कृषि यंत्रों, उपकरणों के वितरण, कस्टम हायरिंग सेंटर मे टोकन जेनरेट करते समय डीलरों या अन्य व्यक्तियों की ओर से विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के नाम पर मोबाइल नंबर डालकर टोकन जेनरेट किया जा रहा है। इससे संबंधित वास्तविक किसान को लाभ न मिल पाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
ऐसे में डीलरों को निर्देशित किया गया है कि कृषि यंत्रों, उपकरणों के वितरण, कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना का टोकन जेनरेट करने के लिए ओटीपी प्राप्त करने के लिए दिया गया मोबाइल नंबर कृषक का स्वयं का अथवा उसके परिवार के किसी खून के रिश्ते के सदस्य का ही होना चाहिए। मोबाइल नंबर भिन्न व्यक्ति का होने की दशा में चयन निरस्त कर दिया जायेगा और अनुदान देय नहीं होगा। बताया कि लाभार्थी की तरफ से क्रय किये गये कृषि यंत्रों के भौतिक सत्यापन के दौरान मोबाइल नंबर अवश्य सत्यापित कराया जायेगा। भिन्न पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी। यदि यह पाया जाता है कि किसी डीलर ने अपना मोबाइल नंबर डाल कर ओटीपी प्राप्त कर टोकन जेनरेट किया है तो ऐसे डीलर को ब्लैक लिस्टेड किया जायेगा तथा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। ऐसे डीलर से कृषि यंत्र क्रय नहीं किये जाएंगे। उन्होंने कृषकों से कृषि यंत्र क्रय करने के लिए टोकन जेनरेट करते समय खुद का मोबाइल नंबर जेनरेट कराने की अपील की है।
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उप कृषि निदेशक डीके गुप्ता ने बताया कि कृषि यंत्रीकरण की विभिन्न योजनाओं में कृषि यंत्रों, उपकरणों के वितरण, कस्टम हायरिंग सेंटर मे टोकन जेनरेट करते समय डीलरों या अन्य व्यक्तियों की ओर से विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के नाम पर मोबाइल नंबर डालकर टोकन जेनरेट किया जा रहा है। इससे संबंधित वास्तविक किसान को लाभ न मिल पाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
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ऐसे में डीलरों को निर्देशित किया गया है कि कृषि यंत्रों, उपकरणों के वितरण, कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना का टोकन जेनरेट करने के लिए ओटीपी प्राप्त करने के लिए दिया गया मोबाइल नंबर कृषक का स्वयं का अथवा उसके परिवार के किसी खून के रिश्ते के सदस्य का ही होना चाहिए। मोबाइल नंबर भिन्न व्यक्ति का होने की दशा में चयन निरस्त कर दिया जायेगा और अनुदान देय नहीं होगा। बताया कि लाभार्थी की तरफ से क्रय किये गये कृषि यंत्रों के भौतिक सत्यापन के दौरान मोबाइल नंबर अवश्य सत्यापित कराया जायेगा। भिन्न पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी। यदि यह पाया जाता है कि किसी डीलर ने अपना मोबाइल नंबर डाल कर ओटीपी प्राप्त कर टोकन जेनरेट किया है तो ऐसे डीलर को ब्लैक लिस्टेड किया जायेगा तथा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। ऐसे डीलर से कृषि यंत्र क्रय नहीं किये जाएंगे। उन्होंने कृषकों से कृषि यंत्र क्रय करने के लिए टोकन जेनरेट करते समय खुद का मोबाइल नंबर जेनरेट कराने की अपील की है।
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