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Sonebhadra News: सिलिंडर पहुंच से दूर, होटल वालों को भट्ठी, गांवों में चूल्हे का सहारा

Sat, 14 Mar 2026 10:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 10:56 PM IST
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Cylinders are out of reach, hoteliers rely on furnaces, villages rely on stoves.
रॉबर्ट्सगंज हाइडिल मैदान गैस सिलेंडर लेते उपभोक्ता। संवाद
सोनभद्र। रसोई गैस की बुकिंग और वितरण में आ रही दुश्वारियों ने लोगों को फिर से लकड़ी के चूल्हे की ओर लौटने को विवश किया है। वर्षों पहले तरीके से महिलाएं घरों में लकड़ी और उपले से चूल्हा जलाकर खाना पका रही हैं। वहीं होटल-रेस्टूरेंट में भी कोयले और डीजल की भट्ठियों की उपयोगिता बढ़ी है। इससे लकड़ी और कोयले की मांग में भी इजाफा हुआ है। परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे-मील भी चूल्हे पर बन रहा है।
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होली के बाद से ही रसोई गैस की आपूर्ति लड़खड़ाई है। उपभोक्ताओं को पहले की तरह आसानी से सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गैस एजेंसियों की ओर से बुकिंग कराकर सिलिंडर ले जाने की बात कही जा रही है, मगर बुकिंग में ही काफी दिक्कतें आ रही हैं। सर्वर ठप होने और 25 से 45 दिन की समय सीमा तय होने के बाद बुकिंग नहीं हो पा रही। ऐसे में उपभोक्ता सिलिंडर भी नहीं ले पा रहे। काफी भागदौड़ के बाद भी कोई व्यवस्था न होने से लाचार होकर लोग फिर से लकड़ी के चूल्हे की ओर लौटने लगे हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में जिन घरों में उज्ज्वला सिलिंडर पर खाना पकता था, वहां अब चूल्हा जल रहा है। अधिक संख्या वाले परिवारों में चूल्हे का इस्तेमाल अधिक है। उज्ज्वला के लाभार्थी भी अब सिलिंडर के इस्तेमाल से हिचक रहे हैं। करमा ब्लॉक के धौरहरा निवासी पूर्व प्रधान व मौजूदा बीडीसी सदस्य मुन्नी देवी ने बताया कि गैस खत्म हो गई थी। पांच दिनों से गैस के लिए प्रयास किया जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग भी कराई गई है, लेकिन गैस नहीं मिल रहा। ऐसे में चूल्हा पर भोजन बनाकर काम चला रही हूं।
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भगवती के पूर्व प्रधान राजनाथ सिंह ने बताया कि सिलिंडर पहले आसानी से मिल जाता रहा, जिससे काम चल जाता था। केकराही के पप्पू, राजकुमार ने बताया कि समय से गैस न मिलने के कारण पहले ही तरह खाना लकड़ी के चूल्हे व उपले से बनाया जा रहा है। करमा बाजार में कान्हा स्वीट हाउस संचालक राजेश कुमार केशरी ने बताया कि दो गैस कनेक्शन हैं, इसमें एक व्यावसायिक भी है। सिलिंडर मिलने से परेशानी हो रही है। अब कोयला की व्यवस्था कर रहे हैं। उसी से काम चलाएंगे। मदैनिया निवासी अशोक कुमार मिष्ठान की दुकान चलाते हैं। गैस की किल्लत से दो दिनों से दुकान बंद चल रही है। उनका कहना है कि महंगे दाम पर भी गैस मिल जाता तो वह ले लेते और दुकान का काम चलता रहता।
परियोजनाओं का घरेलू सिलिंडर हो रहा ब्लैक
अनपरा। ऊर्जांचल की परियोजनाओं में कर्मचारियों को समय से गैस उपलब्ध हो रहा है। परियोजनाओं के आवासों में हीटर जलाने की सुविधा होने के कारण उनके यहां गैस की खपत कम होती है। इस बीच कुछ लोग गैस को बेच देते हैं। कर्मचारी को गैस की सब्सिडी बच जाती है और एनसीएल कर्मचारियों को गैस का पैसा साल के अंत में वापस हो जाता है। आम दिनों में बिचौलिए कर्मचारियों या सामान्य उपभोक्ताओं से गैस खरीदकर 100-200 रुपये अधिक लेकर दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में सप्लाई कर देते थे, लेकिन व्यवसायिक गैस की आपूर्ति बंद होने और अफवाहों का फायदा उठाते हुए यह लोग गैस को दोगुने दामों पर प्रतिष्ठानों में सप्लाई कर रहे हैं।
सर्वर फेल होने से बुकिंग करने में परेशान हो रहे उपभोक्ता
बीजपुर। एनटीपीसी रिहंद के कर्मचारी उपभोक्ता सहकारी समिति रिहंदनगर के उपभोक्ता सर्वर न चलने से काफ़ी परेशान हो रहे हैं। विभिन्न माध्यमों से उपभोक्ता बार-बार बुकिंग करने का प्रयास कर रहे, लेकिन सर्वर डाउन और फोन न लगने से बुकिंग नही हो पा रही है। उपभोक्ता संदीप उपाध्याय, अरविंद मिश्रा, अनिल केशरी, सूर्यबली सिंह, संतोष गुप्ता, श्यामलाल, श्यामबिहारी, अशोक गुप्ता आदि का कहना है कि वेबसाइट व फोन पर बुकिंग नहीं हो रही। हम लोग कई दिनों से सिलिंडर भरवाने के लिए गोदाम और कोऑपरेटिव का चक्कर काट रहे हैं। इस बाबत कर्मचारी उपभोक्ता सहकारी समिति रिहंद नगर के सचिव नरसिंह यादव का कहना था कि बुकिंग होने पर डीएसी नंबर के बाद ही सिलिंडर लोगों को दिया जा रहा है।
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कई दिनों से कंपनी के टोल फ्री नंबर पर फोन किया जा रहा है, न तो लग रहा है और न ही कोई ओटीपी आ रहा है। होली के बाद से ही समस्या है। गैस भी समाप्त होने वाला है। अगर नहीं मिला तो ब्लैक में महंगे दामों पर खरीदना पड़ेगा। - डॉ. डीके विश्वकर्मा उपभोक्ता।



होटल में प्रतिदिन एक दो सिलिंडर लग जाता है। व्यावसायिक सिलिंडर एजेंसी पर समाप्त हो गया है। मजबूरी में ब्लैक में दो से ढाई गुना अधिक दामों पर गैस खरीदना पड़ रहा है। इससे मिठाई व अन्य खाद्य सामग्री बनाना खर्चीला पड़ रहा है। - रामभजन यादव होटल संचालक।




मेरे पिताजी की मृत्यु हो गई है। अगले सप्ताह में तेरही का कार्यक्रम है। हलवाई ने पांच गैस सिलिंडर की व्यवस्था करने को कहा है। फोन कर रहे लेकिन ओटीपी नहीं आ रहा है। एजेंसी वालों ने साफ कहा है कि बिना ओटीपी के गैस नहीं दिया जाएगा।- जय प्रकाश भारती उपभोक्ता।

रॉबर्ट्सगंज हाइडिल मैदान गैस सिलेंडर लेते उपभोक्ता। संवाद

रॉबर्ट्सगंज हाइडिल मैदान गैस सिलेंडर लेते उपभोक्ता। संवाद

रॉबर्ट्सगंज हाइडिल मैदान गैस सिलेंडर लेते उपभोक्ता। संवाद

रॉबर्ट्सगंज हाइडिल मैदान गैस सिलेंडर लेते उपभोक्ता। संवाद

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