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करेंसी की कमी से शादी की तैयारियों में बाधा
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Mon, 21 Nov 2016 10:13 PM IST
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राबर्ट्सगंज में बैंक आफ बडौ़दा में उपभोक्ताओं की लगी भीड़।
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शादी वाले परिवारों में धन जुटाने को लेकर इस कदर लोग परेेशान हैं कि आयोजन की तैयारी के बजाय केवल बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। बैंकों पर कई ऐसे परिवार मिले जिनके यहां बेटी या बेटी की शादी है। लेकिन बैंक से एक दिन में 24 हजार से ज्यादा नहीं मिलने से सभी परेशान हैं। जबकि बैंकों को धन निकासी के लिए साफ निर्देश है कि शादी-विवाह वाले परिवारों को ढाई लाख रुपये बैंके से निकालने दिया जाए। सोमवार को एक बार फिर धन निकासी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। सोमवार को बैंकों, एटीएम से 20 करोड़ रुपये की निकासी की गई।
केंद्र सरकार ने पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट क्या बंद किया, जैसे लोगों के पांव तले जमीन खिसक गई है। किसान से लेकर हर वर्ग तक इस बंदी से परेशान है और रुपये के लिए बैंकों का चक्कर काट रहा है। पिछले 11 दिनों से लोग लगातार रुपये के लिए बैंकों का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें जरूरतों के मुताबिक बैंकों से पैसा नहीं मिल रहा है। सोमवार को भी एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक समेत अन्य बैंकों में पैसा निकालने वालों की ज्यादा कतार लगी रही जबकि जमा करने वालों की संख्या काफी कम थी। चेस्टों में धन न पहुंच पाने के नाते धन निकासी कम हो पाई।
जिन उपभोक्ताओं के घरों में शादियां हैं, वे काफी परेशान नजर आए। चुर्क के अमित कन्नौजिया की शादी 24 नवंबर को है। वे अपने यहां बैंक पर धन निकासी को पहुंचे तो उन्हें यह कहकर टरका दिया गया कि अभी पर्याप्त धन नहीं है, और ग्राहकों को भी पैसा देना है इसलिए ढाई लाख रुपये नहीं दिया जा सकता।
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एसबीआई राबर्ट्सगंज में भी यही हाल रहा। लीड बैंक प्रबंधक करुणेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि इलाहाबाद बैंक में धन नहीं था। वाराणसी और इलाहाबाद की ब्रांचों से यहां धन मंगाकर काम चलाया जा रहा है। बताया कि मंगलवार तक एसबीआई समेत अन्य सभी बैंकों में पर्याप्त धन हो जाएगा और ग्राहकों को उनके जरूरत के मुताबिक धन मिल सकेगा। बताया कि सोमवार को जिले भर में करीब 20 करोड़ रुपये की निकासी हुई और जमा आम दिनों की तरह ही हुए।
केंद्र सरकार ने पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट क्या बंद किया, जैसे लोगों के पांव तले जमीन खिसक गई है। किसान से लेकर हर वर्ग तक इस बंदी से परेशान है और रुपये के लिए बैंकों का चक्कर काट रहा है। पिछले 11 दिनों से लोग लगातार रुपये के लिए बैंकों का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें जरूरतों के मुताबिक बैंकों से पैसा नहीं मिल रहा है। सोमवार को भी एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक समेत अन्य बैंकों में पैसा निकालने वालों की ज्यादा कतार लगी रही जबकि जमा करने वालों की संख्या काफी कम थी। चेस्टों में धन न पहुंच पाने के नाते धन निकासी कम हो पाई।
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जिन उपभोक्ताओं के घरों में शादियां हैं, वे काफी परेशान नजर आए। चुर्क के अमित कन्नौजिया की शादी 24 नवंबर को है। वे अपने यहां बैंक पर धन निकासी को पहुंचे तो उन्हें यह कहकर टरका दिया गया कि अभी पर्याप्त धन नहीं है, और ग्राहकों को भी पैसा देना है इसलिए ढाई लाख रुपये नहीं दिया जा सकता।
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एसबीआई राबर्ट्सगंज में भी यही हाल रहा। लीड बैंक प्रबंधक करुणेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि इलाहाबाद बैंक में धन नहीं था। वाराणसी और इलाहाबाद की ब्रांचों से यहां धन मंगाकर काम चलाया जा रहा है। बताया कि मंगलवार तक एसबीआई समेत अन्य सभी बैंकों में पर्याप्त धन हो जाएगा और ग्राहकों को उनके जरूरत के मुताबिक धन मिल सकेगा। बताया कि सोमवार को जिले भर में करीब 20 करोड़ रुपये की निकासी हुई और जमा आम दिनों की तरह ही हुए।