अनपरा/रेणुसागर। अनपरा क्षेत्र में रविवार देर रात से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से औड़ी से कुबरी जाने वाले मार्ग पर रेलवे पुल के पास बरसाती नाले पर बनी अस्थायी पुलिया तेज बहाव में बह गई। इसके चलते सोमवार सुबह से संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और ग्रामीणों के साथ वाहनों का आवागमन घंटों ठप रहा। सोमवार सुबह जब ग्रामीण शहर की ओर निकले तो पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिली। मजबूरी में लोग जर्जर पुरानी पुलिया से जान जोखिम में डालकर पैदल, साइकिल और दोपहिया वाहनों से आवागमन करते रहे। वहीं भारी वाहनों को लोझरा होकर करीब सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। ग्रामीण सुरश्याम, प्यारेलाल, रामभजन, मन्नू बैगा, गोविंद और नरेशलाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि राणहोर, जोगिंद्रा, मिर्चाधुरी, कुबरी, परड़वा, बेनादह और कुलडोमरी समेत कई गांवों को जोड़ने वाली 12 किलोमीटर लंबी यह सड़क वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई थी। इस मार्ग से ग्रामीणों को रोजगार, शिक्षा और एंबुलेंस, फायर व डायल-112 जैसी आपात सेवाओं का लाभ मिलने लगा था। ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड राख परिवहन के कारण सड़क और पुलिया लगातार क्षतिग्रस्त होती रही। करीब 15 दिन पहले पुलिया की दीवार टूटने के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने करीब 10 दिन पहले राख, मिट्टी और ह्यूम पाइप के सहारे अस्थायी पुलिया बनवाई थी। पहली ही तेज बारिश में उसके बह जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।