अनपरा। 1200 मेगावाट की अनपरा सी लैंको परियोजना में शनिवार की रात्रि 600 मेगावाट की यूनिट नंबर दो के वार्षिक अनुरक्षण कार्य के दौरान घटित दुर्घटना में अफवाहों का बोलबाला रहा। जैसे ही घटना हुई सैकड़ों की संख्या में मजदूर कंपनी गेट पर पहुंच गए। तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। हालांकि पुलिस ने सभी को हटाकर स्थिति को नियंत्रण में किया।
22 मार्च की रात्रि 10 बजकर 24 मिनट पर 600 मेगावाट की यूनिट नंबर दो को वार्षिक अनुरक्षण के लिये एक माह के लिये बंद किया गया था। रविवार की रात्रि यूनिट नंबर दो के ब्वॉयलर अनुरक्षण के लिये ऊंचाई पर लगाया गया भाड़ा (शटरिंग) भरभरा कर गिर गया। जिससे उस पर कार्य कर रहे श्रमिक नीचे गिर गए। घटना में श्रमिकों की चीख पुकार सुनकर आसपास काम कर रहे श्रमिकों व परियोजना के अधिकारियों ने परियोजना प्रबंधन को घटना की सूचना दी। मध्य रात्रि घटित घटना से परियोजना में हड़कंप मच गया। अफवाह फैल गई कि सैकड़ों श्रमिक घटना में घायल हो गए हैं तथा कई मजदूर मलबे में दब गए। साथ ही कई की मौत हो गई है। जिससे श्रमिकों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते भारी संख्या में श्रमिक लैंको परियोजना के गेट पर एकत्रित होकर आक्रोश व्यक्त करने लगे। सूचना पर पहुंचे अनपरा कोतवाल विजय प्रताप सिंह, बीना चौकी प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह, रेनुसागर चौकी प्रभारी वंश नारायण राय, उप निरीक्षक मनोज सिंह सहित पुलिस लाइन से 35 पुलिस के जवानों ने श्रमिकों को समझा बुझाकर कर शांत कराया। आश्वस्त किया कि घटना में घायल सभी श्रमिकों का बेहतर इलाज प्रबंधन द्वारा कराया जा रहा है। किसी भी प्रकार के अफवाह व हिंसा से दूर रहे। अफवाहों को दूर करने के लिये प्रशासन व प्रबंधन की मौजूदगी में श्रमिक नेताओं व स्थानीय लोगों का एक दल घटना स्थल का निरीक्षण भी किया। तब जाकर आक्रोशित श्रमिकों का गुस्सा शांत हुआ।