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कोर्ट ने डॉक्टर समेत तीन कर्मचारियों को किया तलब
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सोनभद्र। दो वर्षीय मासूम की इंजेक्शन लगाने से हुई मौत के मामले में सीजेएम नेत्रपाल सिंह की अदालत ने निजी अस्पताल के डॉक्टर समेत तीन कर्मचारियों को तलब किया है। इन्हें सम्मन के जरिये 26 जून 2019 को हाजिर होने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई मासूम के पिता के जरिए दाखिल मुकदमें की सुनवाई के बाद हुई है।
गोपाल सिंह ने 20 मार्च 2017 को एसपी को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया था कि उसका दो साल का बेटा सागर मौर्या जिसे खासी और जुकाम था। उसे रॉबर्ट्सगंज के नेशनल बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। बगैर जांच किए ही इंजेक्शन लगा दिया गया, जिससे बेटे की हालत गंभीर हो गई। मना करने के बावजूद तीन और इंजेक्शन लगा दिए गए , जिससे उसके बेटे की मौत हो गई। 100 नंबर को सूचना देने के बाद सदर एसडीएम और कोतवाल अस्पताल पहुंचे तथा डॉक्टर से मिलकर चले गए। कहा गया रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। एसपी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन विवेचना के दौरान एफआर लगा कर 4 अगस्त 2017 को न्यायालय में विवेचक ने दाखिल कर दिया। वादी गोपाल सिंह ने प्रोटेसट किया जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। बयान लेने के बाद गम्भीर मामला मानते हुए अदालत ने डॉक्टर आर पी सिंह, गोविंद एवं मंजीत मौर्या को तलब किया है।
गोपाल सिंह ने 20 मार्च 2017 को एसपी को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया था कि उसका दो साल का बेटा सागर मौर्या जिसे खासी और जुकाम था। उसे रॉबर्ट्सगंज के नेशनल बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। बगैर जांच किए ही इंजेक्शन लगा दिया गया, जिससे बेटे की हालत गंभीर हो गई। मना करने के बावजूद तीन और इंजेक्शन लगा दिए गए , जिससे उसके बेटे की मौत हो गई। 100 नंबर को सूचना देने के बाद सदर एसडीएम और कोतवाल अस्पताल पहुंचे तथा डॉक्टर से मिलकर चले गए। कहा गया रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। एसपी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन विवेचना के दौरान एफआर लगा कर 4 अगस्त 2017 को न्यायालय में विवेचक ने दाखिल कर दिया। वादी गोपाल सिंह ने प्रोटेसट किया जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। बयान लेने के बाद गम्भीर मामला मानते हुए अदालत ने डॉक्टर आर पी सिंह, गोविंद एवं मंजीत मौर्या को तलब किया है।
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