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Sonebhadra News: बिक्री की अनुमति से पहले ही मंगाई जा रही पटाखे की खेप
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सोनभद्र। दीपावली नजदीक आते ही कारोबारी पटाखे की खेप मंगाने लगे हैं। यही नहीं, कई इलाकों में अवैध भंडारण भी किया जा रहा है। पिछले साल त्योहार से ठीक पहले दो स्थानों पर आबादी के बीच बड़ी मात्रा में पटाखे जब्त किए गए थे। अब फिर से अवैध कारोबारियों की सक्रियता से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में पटाखे के 15 थोक विक्रेता हैं। इनके पास ही स्थाई लाइसेंस भी है। होली-दीपावली सहित अन्य विशेष अवसरों पर दुकान लगाने के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी होते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ ही फायर ब्रिगेड से अनुमति लेनी होती है। नियमानुसार अनुमति मिलने के बाद ही भंडारण और बिक्री की जा सकती है, लेकिन इसकी प्रक्रिया पूरी होने से पहले से दुकानदार पटाखे की खेप मंगाने लगते हैं। इसे असुरक्षित तरीके से आबादी के बीच स्थित मकान में रखा जाता है।
पिछले साल पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना पर दो मकानों में अवैध रूप से रखे गए पटाखे की बड़ी खेप बरामद की थी। इसमें संबंधितों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब फिर से त्योहार नजदीक आने के साथ ही पटाखे की खेप जिले में आने लगी है।
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स्थाई लाइसेंसधारी और थोक विक्रेताओं के अलावा फुटकर दुकानदार भी बनारस, प्रयागराज और मप्र की मंडी से पटाखे की खेप मंगा रहे हैं, जबकि अभी तक उन्हें अनुमति नहीं मिली है। इस तरह से आ रहे पटाखे को अभी रहवासी इलाकों में ही रखा जा रहा है।
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जिले में पटाखे के 15 थोक विक्रेता हैं। इनके पास ही स्थाई लाइसेंस भी है। होली-दीपावली सहित अन्य विशेष अवसरों पर दुकान लगाने के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी होते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ ही फायर ब्रिगेड से अनुमति लेनी होती है। नियमानुसार अनुमति मिलने के बाद ही भंडारण और बिक्री की जा सकती है, लेकिन इसकी प्रक्रिया पूरी होने से पहले से दुकानदार पटाखे की खेप मंगाने लगते हैं। इसे असुरक्षित तरीके से आबादी के बीच स्थित मकान में रखा जाता है।
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पिछले साल पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना पर दो मकानों में अवैध रूप से रखे गए पटाखे की बड़ी खेप बरामद की थी। इसमें संबंधितों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब फिर से त्योहार नजदीक आने के साथ ही पटाखे की खेप जिले में आने लगी है।
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स्थाई लाइसेंसधारी और थोक विक्रेताओं के अलावा फुटकर दुकानदार भी बनारस, प्रयागराज और मप्र की मंडी से पटाखे की खेप मंगा रहे हैं, जबकि अभी तक उन्हें अनुमति नहीं मिली है। इस तरह से आ रहे पटाखे को अभी रहवासी इलाकों में ही रखा जा रहा है।