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Sonebhadra News: अतिक्रमण से रात में 40, दिन में 20 फीट रह जाती है सड़क
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सोनभद्र। शहर में रोजाना लगने वाले जाम की बड़ी वजह पटरियों पर अतिक्रमण है। रात में 40 फीट चौड़ी दिखने वाली सड़कें सुबह होने आधे में सिकुड़ जाती हैं। पटरियों पर कहीं दुकान सज रही हैं, तो कहीं साइकिल, बाइक और कार खड़ा की जा रही है।
अतिक्रमण की जद में पटरियों के जकड़ने से सड़क पर चलने के लिए जगह ही नहीं बचती, नतीजा राहगीर जाम से जूझते हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए लंबे समय से कोई अभियान नहीं चला। इस पर न तो नगर पालिका कोई कदम उठा रहा है और न ही पुलिस-प्रशासन की ओर पहल की जा रही है।
चंडी तिराहे से मेन चौक होते हुए बढ़ौली चौराहे तक जाने वाली सड़क हो या फिर धर्मशाला चौक से महिला थाना तिराहा तक आने वाली सड़क। इनकी पटरियां बुरी तरह अतिक्रमण से कराह रही हैं। हाल यह है कि बरसात में मार्ग पर पानी निकलने को भी जगह नहीं मिल पाती। घंटों तक सड़क पर जलभराव रहता है।
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पटरियों पर दुकानें लगाई जा रही हैं और कई जगह वाहन खड़े हो रहे हैं। मेन चौक से उत्तर मोहाल की तरफ जाने वाले मार्ग पर दुकानें आधी सड़क तक लगती हैं। ठेला, ट्रॉली वाले ही नहीं, वह लोग भी सड़क तक दुकान लगाते हैं, जिनका स्थाई भवन है। कुछ ऐसे ही स्थित धर्मशाला, गुरुद्वारा और रामलीला मैदान रोड की भी है। बढ़ाैली चौक से महिला थाना की तरफ जाने वाला मार्ग सड़क पर वाहनों की अवैध पार्किंग से जकड़ा रहता है। हर वर्ग इस अतिक्रमण से बेहाल है। पटरियों से अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार आवाज उठी। रूपरेखा भी बनी, लेकिन कोई भी कार्रवाई धरातल पर नहीं उतर आई।
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अतिक्रमण की जद में पटरियों के जकड़ने से सड़क पर चलने के लिए जगह ही नहीं बचती, नतीजा राहगीर जाम से जूझते हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए लंबे समय से कोई अभियान नहीं चला। इस पर न तो नगर पालिका कोई कदम उठा रहा है और न ही पुलिस-प्रशासन की ओर पहल की जा रही है।
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चंडी तिराहे से मेन चौक होते हुए बढ़ौली चौराहे तक जाने वाली सड़क हो या फिर धर्मशाला चौक से महिला थाना तिराहा तक आने वाली सड़क। इनकी पटरियां बुरी तरह अतिक्रमण से कराह रही हैं। हाल यह है कि बरसात में मार्ग पर पानी निकलने को भी जगह नहीं मिल पाती। घंटों तक सड़क पर जलभराव रहता है।
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पटरियों पर दुकानें लगाई जा रही हैं और कई जगह वाहन खड़े हो रहे हैं। मेन चौक से उत्तर मोहाल की तरफ जाने वाले मार्ग पर दुकानें आधी सड़क तक लगती हैं। ठेला, ट्रॉली वाले ही नहीं, वह लोग भी सड़क तक दुकान लगाते हैं, जिनका स्थाई भवन है। कुछ ऐसे ही स्थित धर्मशाला, गुरुद्वारा और रामलीला मैदान रोड की भी है। बढ़ाैली चौक से महिला थाना की तरफ जाने वाला मार्ग सड़क पर वाहनों की अवैध पार्किंग से जकड़ा रहता है। हर वर्ग इस अतिक्रमण से बेहाल है। पटरियों से अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार आवाज उठी। रूपरेखा भी बनी, लेकिन कोई भी कार्रवाई धरातल पर नहीं उतर आई।