{"_id":"6297a8717d882701e552be9e","slug":"communication-of-positive-energy-in-children-sonbhadra-news-vns6566924111","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा का किया गया संचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा का किया गया संचार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। विकासनगर स्थित ब्रह्मकुमारी सेवा केंद्र में चल रहे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत चार दिवसीय आध्यात्मिक बाल व्यक्तित्व विकास शिविर का बुधवार को समापन हुआ। शिविर में बच्चों को अपनी आंतरिक शक्तियों के विकास तथा सकारात्मक चिंतन शैली का विकास करने के लिए सृजनात्मक, बौद्धिक, पेंटिंग व खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्राप्त करके बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया गया।
शिविर में भाग ले रहे सूरज सिंह ने कहा कि शिविर में स्वयं को समझने और विचारों को सकारात्मक बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण से अधिक क्षमता के साथ पढ़ाई करने की प्रेरणा मिली। ओबरा से आए वैभव चौबे ने कहा कि प्रात: उठकर परमात्मा को शुभ प्रभात बोलकर और माता-पिता का आशीर्वाद लेकर विद्यालय जाने की शिक्षा प्राप्त हुई। प्रियांशी गुप्ता और वैष्णवी केशरी ने कहा कि शिविर से प्राप्त अनुभव के बाद एक ईमानदार डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करेंगे। सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके सुमन ने बच्चों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया। आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाकर लक्ष्य को पूरा करने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग से जीवन का लक्ष्य प्राप्त करना सहज हो जाता हैं तथा जीवन भी तनावमुक्त रहता हैं। डॉ. हरींद्र भाई ने बच्चों को पॉजिटिव जीवन जीने की प्रेरणा दी। शिविर में बच्चों के साथ उनके माता-पिता को भी सम्मानित किया गया। आयोजन में प्रतिभा, सीता, सरोज, कविता, दीपशिखा ने सक्रिय योगदान दिया।
विज्ञापन
शिविर में भाग ले रहे सूरज सिंह ने कहा कि शिविर में स्वयं को समझने और विचारों को सकारात्मक बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण से अधिक क्षमता के साथ पढ़ाई करने की प्रेरणा मिली। ओबरा से आए वैभव चौबे ने कहा कि प्रात: उठकर परमात्मा को शुभ प्रभात बोलकर और माता-पिता का आशीर्वाद लेकर विद्यालय जाने की शिक्षा प्राप्त हुई। प्रियांशी गुप्ता और वैष्णवी केशरी ने कहा कि शिविर से प्राप्त अनुभव के बाद एक ईमानदार डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करेंगे। सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके सुमन ने बच्चों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया। आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाकर लक्ष्य को पूरा करने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग से जीवन का लक्ष्य प्राप्त करना सहज हो जाता हैं तथा जीवन भी तनावमुक्त रहता हैं। डॉ. हरींद्र भाई ने बच्चों को पॉजिटिव जीवन जीने की प्रेरणा दी। शिविर में बच्चों के साथ उनके माता-पिता को भी सम्मानित किया गया। आयोजन में प्रतिभा, सीता, सरोज, कविता, दीपशिखा ने सक्रिय योगदान दिया।
विज्ञापन